


अधीनस्थ मंत्रालय कर्मचारियों का आंदोलन 59 दिन से चल रहा है। अधिनस्थ मंत्रालय कर्मचारी 4 दिन से आमरण अनशन पर है 3 कर्मचारियों की तबीयत खराब होने के कारण पुलिस जयपुरिया अस्पताल लेकर गई जहां चेकअप के बाद उन्हें वापस मानसरोवर शिप्रा पथ के मैदान पर वापस लाया गया।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मंत्रालय कर्मचारी विभिन्न स्थानों पर मिलकर अपनी मांगों को पूरी कराने का ज्ञापन भी दे रहे हैं। मुख्य सचिव उषा शर्मा के स्तर पर बातचीत भी हुई है लेकिन नतीजा नहीं निकल पा रहा है। कहने को तो सीएम गहलोत ने कर्मचारियों की मांगों को लेकर कैबिनेट में भी फैसला किया है। लेकिन मंत्रालय कर्मचारियों की मांगे पूरी नहीं होने से प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों का कार्य पूरी तरह से ठप है। इसके बावजूद भी सरकार का कोई निर्णय नहीं हो पाना निश्चित तौर पर सरकारी कामकाज पर विपरीत असर डाल रहा है। पूरे प्रदेश के मंत्रालय कर्मचारी जयपुर में रोजाना एशिया से आते हैं कि उनकी मांगे पूरी हो जाएगी। लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पा रहा है।
अधीनस्थ मंत्रालय कर्मचारियों के संगठन में का विघटन हुआ है। नाराज कर्मचारियों ने अपना नया प्रदेश अध्यक्ष भी चुन लिया है अब संघर्ष जारी है मुख्यमंत्री फिलहाल जयपुर में है मंत्रालय कर्मचारियों को अपनी मांगे पूरी होने और हड़ताल समाप्ति का इंतजार है।