


मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना को खाद्य आपूर्ति विभाग से सहकारिता विभाग में हस्तांतरित करने के मामले को लेकर विवाद होने की संभावना पैदा हो गई है। खाद आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने ही आरोप लगाया है कि वित्त विभाग ने किसको फायदा पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना बिना विधानसभा की मंजूरी के ही सहकारिता विभाग को हस्तांतरित कर दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर इसकी जांच कराने की मांग की है।
खाद्य आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने नोट शीट पर विस्तार से शिकायत सीएम गहलोत को भेजकर आपत्ति जताई। उन्होंने नोट्स में स्पष्ट तौर पर लिखा है कि जब विधानसभा में इस योजना की जिम्मेदारी खाद आपूर्ति विभाग को सौंपी गई थी तो आप इसे किसके कहने पर परिवर्तित किया गया।
उन्होंने कहा कि विधानसभा ने मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना के लिए विभाग को इस संबंध में 1000 करोड़ का बजट भी दिया था और अब यह बजट किस कारण से सहकारिता विभाग को हस्तांतरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगरमुख्यमंत्री अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना का परिवर्तन किया जाना है तो विधानसभा के पास ही जाना होगा बिना उसकी अनुमति के कुछ भी नहीं किया जा सकता है। उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए आपत्ति जताई कि विभाग को कमजोर बनाने के लिए सब कुछ किया जा रहा है तो ठीक नहीं है।
उन्होंने नोटशीट पर लिखा है कि मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना में वितरित किए जाने वाली सामग्री कानफेड के माध्यम से खरीदा जाना उचित नहीं है। उन्होंने इस मामले को विधि विभाग के पास भिजवाई जाने की सलाह दी और और यह कार्य नियम विरुद्ध बताकर आपत्ति जताई है।