


आखिर महंगाई राहत शिविर में घरवाली उपलब्ध कराने वाले प्रकरण को दौसा जिले के बहरावण्डातहसीलदार हरी किशन सैनी ने प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया।
तहसीलदार हरी किशन सैनी ने दलील देते हुए कहा कि पटवारी बाबूलाल गुर्जर ने एक पत्र प्रेषित किया है उसमें लिखा है कि मेरे स्तर पर लड़की ढूंढ पाना संभव नहीं है ऐसे में एक कमेटी बना दी जाए। इन सब बातों को देखते हुए ही हमने प्रार्थना पत्र को खारिज कर निस्तारित कर दिया है।
पटवारी हरी किशन सैनी ने बताया कि मैंने तो आदेश की पालना में तहसीलदार को पत्र भेजा है कि मामले में ग्राम पंचायत सचिव, हल्का पटवारी और सरपंच की संयुक्त टीम बनाएं ताकि आवेदक को समय पर पत्नी उपलब्ध कराई जा सके।
आदेश के जवाब में हल्का पटवारी ने तहसीलदार को लिखा कि ग्राम पंचायत सचिव, पटवारी और सरपंच की संयुक्त टीम बनाई जाए। ताकि आवेदक को समय पर पत्नी उपलब्ध कराई जा सके। इधर, मामला सुर्खियों में आया तो सोमवार सुबह कल्लू के घर पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। कल्लू ने बताया- मैंने शिविर में अपनी समस्या बताते हुए घरवाली उपलब्ध कराने की अर्जी दी थी। कल्लू पांच भाई-बहन में चौथे नंबर पर है। बड़ी बहन व तीन भाइयों की शादी हो चुकी है। कल्लू छोटे भाई के पास रहता है। ग्राम पंचायत व बाजार में दुकानों पर सफाई करने से जो पैसे मिलते हैं, उनसे जीवन यापन करता है।
उल्लेखनीय है कि गांगदवाड़ी में आयोजित शिविर में 40 वर्षीय कैलाश उर्फ कल्लू महावर ने प्रार्थना पत्र दिया था कि मुझे घरवाली (पत्नी) उपलब्ध कराने का कष्ट करें। कल्लू ने बताया कि प्रार्थना पत्र के अनुरूप 30 से 40 साल उम्र की पतली, गोरी और सभी कार्य में अग्रणी महिला मिले तो मैं शादी करने के लिए तैयार हंू। इस पर शिविर प्रभारी (तहसीलदार) हरिकिशन सैनी ने हल्का पटवारी को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के आदेश दिए थे।