Saturday, 29 August 2026

पेपर लीक के मामले में ईडी ने जयपुर, जालौर, डूंगरपुर, अजमेर सहित 27 जगह पर की छापेमारी, राजनीतिक हलकों में हड़कंप


पेपर लीक के मामले में ईडी ने जयपुर, जालौर, डूंगरपुर, अजमेर सहित 27 जगह पर की छापेमारी, राजनीतिक हलकों में हड़कंप

पेपर लीक मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने  अजमेर, जालौर,बाड़मेर, डूंगरपुर जयपुर सहित कई जिलों 27 स्थानों पर सोमवार को छापेमारी की है। ईडी की कार्रवाई में लगभग 300 अधिकारी और सीआरपीएफ के जवान छापेमारी कर रहे हैं। ईडी की छापेमारी के बाद राजनीतिक हलकों  हड़कंप मच गया है।

ईडी ने सोमवार को बाड़मेर में रीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार ठेकेदार भजनलाल बिश्नोई के घर पर, डूंगरपुर में आरपीएससी के जेल में बंद सदस्य बाबूलाल कटारा के घर पर,  पेपर लीक के मुख्य  सरगना सुरेश  ढाका के वैशाली नगर जयपुर  और सांचौर में तथा अजमेर में आरपीएससी के सदस्य बाबूलाल कटारा  के सरकारी निवास पर भी छापेमारी की है।

सांचौर में जब सुरेश ढाका के निवास पर छापेमारी की गई तो उनके पिता ने अपने आप को बचाने के लिए एक बक्से में बंद कर लिया था और वह बेहोश हो गए थे उसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा भी एनएसयूआई के पूर्व जिला अध्यक्ष विकास मांजू, प्रधान ओमप्रकाश डाका और उधर राम बिश्नोई के निवास पर भी छापेमारी की गई है।

ईडी ने राजस्थान लोक सेवा आयोग की आयोजित सेकंड के पेपर लीक मामले में आरपीएससी के सदस्य बाबूलाल कटारा, मास्टरमाइंड शेर सिंह और भूपेंद्र सारण से उदयपुर जेल में कोर्ट की अनुमति के बाद पूछताछ की थी। इस मामले में आरोपी राजीव उपाध्याय, रामगोपाल मीणा, सुरेश विश्नोई, घिमनाराम खिलेड़ी, अनिता मीणा, बाबूलाल के पुत्र दीपेश कटारा, गोपालसिंह, गौतम कटारा व विजय डामोर के बयान भी दर्ज किए हैं।

 ईडी ने आरपीएससी के चेयरमैन से भी पिपली के मामले में नामजद आरोपियों के बारे में जानकारी मांगी थी।  आरपीएससी ने भी पेपर लिखकर मामले में ईडी को जानकारी की एक रिपोर्ट भेजी थी। इसी आधार पर आपकी दी ने बड़े पैमाने पर पूरे प्रदेश में कार्रवाई की है। कई जगह से ईडी को दस्तावेज और सोने के जेवरात मिले हैं। फिलहाल अभी ईडी की कार्रवाई जारी है यदि इसका खुलासा बाद में करेगी। ईडी ने अब रीट पेपर और सेकंड  पेपर लीक सहित विभिन्न मामलों को साथ में लिया है।

 मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जहां चुनाव होते हैं वहां ईडी और सीबीआई प्रवेश कर जाती है। उन्होंने कहा कि आरोपियों पर छापेमारी ठीक है लेकिन ईमानदारी से काम किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब एसीबी और एसओजी सही ढंग से काम कर रही है तो फिर ईडी की कार्रवाई क्यों की जा रही है ।


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