


विद्याधर नगर स्टेडियम में माली समाज के महासंगम रविवार को आयोजित किया गया। समाज के इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाग नहीं लिया उनके पुत्र वैभव गहलोत ने शिरकत की। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी महासंगम पहुंचे नारेबाजी के चलते हुए वे वहां से चले दिए।
यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी शामिल हुए। उनके भाषण के दौरान माली समाज के लोगों ने अशोक गहलोत जिंदाबाद के नारे लगाए और उन्हें भाषण बीच में रोकना पड़ा इसके बाद उन्होंने अपनी बात कही।महासंगम में गहलोत को चौथी बार मुख्यमंत्री बनाए जाने की तख्तियां लेकर उनके समाज के लोग नारे लगाते शामिल हुए।
माली समाज के महासंगम में भाजपा सांसद राजेंद्र गहलोत,पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी, भाजपा से निष्कासित विधायक शोभारानी कुशवाह सहित विभिन्न नेताओं ने हिस्सा लिया। माली समाज ने 2 लाख लोगों की भीड़ का दावा किया था उसके मुकाबले भीड़ कम थी।
माली समाज के महासंगम में मांग की गई कि महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले को भारत रत्न दिया जाए, नए संसद भवन में पूर्व की भांति महात्मा ज्योतिबा फूले की प्रतिमा स्थापित की जाए, 5 सितंबर को शिक्षक दिवस का नाम माता सावित्री बाई फुले के नाम से किया जाए।
सैनी, माली कुशवाहा, मौर्य, मोरिया, शाक्य,वनमाली और अति पिछड़े समाज के आधार पर 12 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए। प्रमुख राजनीतिक पार्टियां माली समाज के व्यक्ति को प्रत्येक जिले में एक टिकट देना सुनिश्चित करें, कुशवाहा समाज लवकुश बोर्ड का गठन किया जाए, आंदोलन के दौरान कि मुकदमे वापस लिए जाएं और लक्ष्मी दास महाराज के नाम से उनके जन्म स्थल अमरापुरा नागौर को पैनोरमा और धार्मिक स्थल के रूप में विकसित किया जाए।