


राजस्थान पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड के अजमेर प्रवास के दौरान बुधवार को सिंधी समाज के एक शिष्टमंडल ने समाज को सत्ता और संगठन में प्रतिनिधित्व देने की मांग की।
सिंधी समाज के शिष्टमंडल ने आरटीडीसी अध्यक्ष राठौड से भेंटकर राजस्थान सिंधी अकादमी का गठन करने राजनीतिक नियुक्तियों में सिंधी समाज को प्रतिनिधित्व देने एवं संगठन में प्रतिनिधित्व देने का आग्रह किया।
सिंधी समाज के प्रतिनिधियों ने राठौड़ को बताया कि राजस्थान में 8 विधानसभा क्षेत्रों में सिन्धी बाहुल्य क्षेत्र हैं और लोकसभा उपचुनाव 2018 में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने सिंधी समाज को विधानसभा चुनाव में एक सीट पर टिकट देने का वादा किया था परंतु दुर्भाग्यवश सिंधी समाज को कांग्रेस ने प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया
इसी प्रकार हाल ही में गठित राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी में सिंधी समाज के किसी भी व्यक्ति को तवज्जो नहीं दी गई ।
आरटीडीसी अध्यक्ष राठौड़ ने सिंधी समाज के प्रतिनिधियों से विस्तृत विचार-विमर्श कर उनकी भावनाओं को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को अवगत कराने का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि भारत धर्मनिरपेक्ष देश है और कांग्रेस सभी धर्म एवं समाज को साथ लेकर चल रही है परंतु वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार बुनियादी विकास के मुद्दों को दरकिनार कर सांप्रदायिक भेदभाव की राजनीति कर रही है जिससे लोकतंत्र खतरे में है।
शिष्टमंडल में सिंधी समाज के सुरेश सिन्धी, आर के आहूजा, पत्रकार नरेश राघानी, मोती मुखी प्रकाश मूलचंदानी, हरीश होतचंदनी ,चन्द्र बालानी ,जगदीश अबिचंदनी ,हरी चंदानी, रमेश टिलवानी,विनोद आसनानी, राज कुमार लुधनी,पूजा तोलवानी, चन्द्र केसवानी,दिलीप समतानी ,अशोक मटाई, सहित बड़ी संख्या में सिंधी समाज के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
इस अवसर पर पूर्व विधायक डॉ. श्रीगोपाल बाहेती, पूर्व जिला प्रमुख रामस्वरूप चौधरी, शिव कुमार बंसल, अजय कृष्ण तैनगौर, नोरत गुर्जर, शैलेंद्र अग्रवाल, वाहिद मोहम्मद, आरिफ खान , मोहित मल्होत्रा, राजेश ओझा, शमसुद्वीन, भंवर सिंह राठौड, हेमंत जोधा, कृपाल सिंह राठौड आदि उपस्थित थे।