


मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घरेलू और कमर्शियल सहित सभी तरह के बिजली बिलों पर कंज्यूमर्स को 100 मिनट तक बिजली फ्री देने की घोषणा की है। इस घोषणा के मुताबिक अब 100 यूनिट खर्च करने वाले उपभोक्ता का बिल जीरो आएगा। इसके अलावा 200 यूनिट तक बिजली बिल पर इसी तरह का सरचार्ज, परमानेंट और इलेक्ट्रिसिटी फीस नहीं देनी होगी।
सीएम गहलोत ने बजट में केवल घरेलू उपभोक्ताओं को ही चयनित बिजली फ्री देने की घोषणा की थी अब इसका दायरा बढ़ाते हुए हर उपभोक्ता को इसका फायदा मिलेगा। अगर कमर्शियल कनेक्शन है तो भी 100 यूनिट फ्री बिजली मिलेगी।
नए नियमों के मुताबिक 50 यूनिट तक ₹ 4. 75 पैसे प्रति यूनिट, 51 से 100 यूनिट तक ₹ 6. 50 पैसे प्रति यूनिट,151 से 300 यूनिट तक ₹ 7. 35 प्रति यूनिट, 301 यूनिट से 500 मिनट तक ₹ 7.65 प्रति यूनिट, 501 या उससे अधिक पर ₹ 7.95 खर्चा आता है।
300 यूनिट बिजली की खपत होने पर फिक्स चार्ज ₹ 275 लगता है। 301 से 500 तक खपत होने पर शिक्षक ₹ 345 लिया जाता है। शहरी उपभोक्ताओं से 15 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से अर्बन चार्ज भी लिया जाता है। सभी उपभोक्ताओं से 40 पैसे प्रति यूनिट किधर से इलेक्ट्रिक सिटी ड्यूटी लगाई जाती है।
सीएम गहलोत की घोषणा के मुताबिक यूनिट से ज्यादा बिजली उपभोग करने वाले उपभोक्ता को कोई चार्ज नहीं देना पड़ेगा। हर महीने 200 यूनिट तक बिजली उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं को पहले 100 यूनिट तक कोई चार्ज नहीं लगेगा इसके साथ 201 तक के स्थाई शुल्क और सभी तरह के क्या चार्ज फीस शुल्क माफ होंगे इस सब का भुगतान राज्य सरकार बिजली कंपनियों को करेगी।
अगर बिजली की खपत 100 यूनिट है तो बिजली कि दर ₹ 562.5 इसके अलावा स्थाई शुल्क ₹ 230, इलेक्ट्रिक सिटी ड्यूटी ₹ 40 कुल खर्चा ₹ 832. 50 सरकार से पूरी तरह से माफ करेगी।