


मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच विवाद सुलझ गया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे के दिल्ली निवास पर राहुल गांधी के साथ सीएम गहलोत और पायलट के बीच 4 घंटे तक लंबी वार्ता चली उस में तय किया गया कि चुनाव दोनों नेता मिलकर लड़ेंगे।
इस महत्वपूर्ण बैठक के बाद कांग्रेस के संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल ने कहा कि दोनों नेताओं के नेतृत्व में नवंबर माह में होने वाला विधानसभा का चुनाव लड़ा जाएगा। अभी दोनों के बीच एक फेस की बातचीत होना बाकी है।
संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल ने बैठक के बाद सीएम गहलोत और सचिन पायलट के साथ मीडिया के सामने आए और उन्होंने कहा कि अब राजस्थान में दोनों नेता मिलकर विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे। अब कोई विवाद नहीं है लेकिन सीएम गहलोत और सचिन पायलट ने मीडिया के समक्ष कोई बात नहीं की और दोनों मुस्कुराते ।
राहुल गांधी की मौजूदगी में सीएम गहलोत और पायलट के बीच समझौते को लेकर क्या फार्मूला तय हुआ है यह अभी तक उजागर नहीं हुआ है। लेकिन यह स्पष्ट हो गया है कि कि 30 मई से पहले सचिन पायलट को मना लिया जाएगा और कोई ऐसा निर्णय होगा जिससे कि उनकी मांगों को मान लिया जाएगा और फिर एक नए वातावरण में राजस्थान में कांग्रेस काम करेगी। अब लगभग आपसी समझौता तो तय हो गया है लेकिन अंतिम फैसला निश्चित तौर पर सोनिया गांधी के ऊपर निर्भर हो गया है। ऐसा माना जा रहा है कि कि जो फार्मूला तय हुआ है उसी आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। यह भी कहा जा रहा है कि अब सीएम गहलोत और सचिन पायलट ने निर्णय का अधिकार केंद्रीय नेतृत्व को सौंप दिया है जो भी निर्णय होगा दोनों स्वीकार करेंगे।