


मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच विवाद को खत्म करने के लिए दिल्ली में सोमवार कोअखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे के निवास पर बैठक शुरू हो गई है। बैठक में सीएम गहलोत और सचिन पायलट के विवाद को सुलझाने के लिए मलिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल, प्रभारी सुखविंदर सिंह रंधावा, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को सचिन पायलट के उठाए मुद्दे और भविष्य की राजनीति को लेकर भी निर्णय होगा। मामला पेचीदा और चुनौतीपूर्ण है ऐसे में आज की बैठक में कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को नहीं बुलाया गया है। अब यह तय माना जा रहा है कि अब उन्हें कोई नई जिम्मेदारी दी जा सकती है । ऐसा भी हो सकता है कि इस बैठक के बाद सीएम गहलोत और सचिन पायलट के साथ अलग-अलग विस्तार से चर्चा हो और फिर कोई निर्णय किया जाए। बैठकों का देर देर रात तक चलने की संभावना है और यह भी माना जा रहा है कि मंगलवार तक निर्णय सामने आ पाएगा। स्थिति नाजुक है क्योंकि सचिन पायलट ने जिस प्रकार का अल्टीमेटम दे रखा है उसका निर्णय 30 मई तक करना है। जैसा कि सीएम गहलोत ने दिल्ली में बैठक से पहले सोमवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा था कि कांग्रेस में किसी भी कार्यकर्ताओं को मांगने से पद नहीं मिलता है और शर्तों के आधार पर कांग्रेस कुछ दे नहीं सकती। लेकिन वे यह भूल जाते हैं कि 25 सितंबर को जो कुछ घटित जयपुर में हुआ वह भी पार्टी में कभी नहीं हुआ और उसके बाद क्या जरूरत पड़ी थी कि आपको दिल्ली में जाकर सोनिया गांधी के सामने माफी मांगनी पड़ी थी। मलिकार्जुन खरगे तो खुद पर्यवेक्षक के रुप में उस घटना के चश्मदीद थे अब निर्णय निश्चित तौर पर 25 सितंबर का भी होगा और सचिन पायलट द्वारा 1 दिन का अनशन और उसके बाद अजमेर से जयपुर तक की जन संघर्ष पदयात्रा के बाद जिस प्रकार की मांगों को लेकर जांच की बात कही गई थी। अब केंद्रीय नेतृत्व इस पर कोई एक्शन लेगा या नहीं यह तो पता नहीं। लेकिन यह तय है कि भविष्य में सचिन पायलट को कोई नई जिम्मेदारी देने का फैसला सामने आएगा और मंत्रिमंडल का फेरबदल जून के प्रथम सप्ताह में किए जाने का कुछ चर्चा सामने आ रही है। फिलहाल बैठक का दौर जारी है अभी कुछ क्या कुछ हो रहा है यह सब के सामने नहीं आ रहा। अब बैठक के फैसले का इंतजार हम सब को करना ही पड़ेगा।