Saturday, 29 August 2026

अपनी मांगों को लेकर मंत्रालय कर्मचारियों के 39 दिन की हड़ताल के बाद सीएम गहलोत के धरना स्थल पर मुलाकात करने की चर्चा जोरों पर, आंदोलन हो सकता है समाप्त


अपनी मांगों को लेकर मंत्रालय कर्मचारियों  के 39 दिन की हड़ताल के बाद सीएम गहलोत के धरना स्थल पर मुलाकात करने की चर्चा जोरों पर, आंदोलन हो सकता है समाप्त

मानसरोवर के शिप्रा पथ  पर 39 दिनों से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे प्रदेशभर के मंत्रालय कर्मचारियों की गुरुवार को सुध लेने के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के धरना स्थल पर आने की चर्चा जोरों पर है।

बुधवार को आंधी, तूफान और तेज बरसात के बाद  मंत्रालय कर्मचारियों के धरना स्थल पर लगे टेंट में भारी नुकसान और कुछ कर्मचारियों के घायल होने की खबर के बाद सीएम गहलोत ने दिल्ली में 26 मई को होने वाली बैठक से पहले इन नाराज कर्मचारियों को मनाने का फैसला किया है।  अब सीएम गहलोत मंत्रालय कर्मचारियों की मांग पर कुछ आश्वासन  देने उसी के साथ मंत्रालय कर्मचारी अपनी हड़ताल  को समाप्त करने  की घोषणा कर सकते हैं। कर्मचारियों ने गुरुवार को अपने धरना स्थल पर टेंट  और अन्य  व्यवस्थाओं को फिर से जैसे तैसे वापस खड़ा किया है।  प्रदेशभर के एक लाख से अधिक मंत्रालय  कर्मचारी है जो कि हड़ताल पर है।  सरकार के सभी सरकारी कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह से ठप है। आम नागरिक परेशान है।

मंत्रालय कर्मचारियों ने अंतर जिला तबादला और अपने वेतनमान  ₹ 2400 से ₹ 3600 करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रखा है। 2 दिन पहले ही  सीएम गहलोत मंत्रिमंडल के सदस्य ने मंत्रालय कर्मचारियों का 5 दिन से चल रहे आमरण अनशन यह  कहते हुए तुड़वा दिया था कि उनकी मांगों को शीघ्र  सीएम गहलोत पहुंचा कर समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।

मंत्रालय कर्मचारी नेता  अब  सभी को सूचना दे रहे हैं कि सीएम गहलोत धरना स्थल पर आ रहे हैं कर्मचारियों की एकता दिखाते हुए सभी पहुंचे। उल्लेखनीय है कि महंगाई राहत शिविर ने मंत्रालय कर्मचारियों ने बहिष्कार किया था। यह बात भी सही है कि इस आंदोलन के दौरान प्रदेश अध्यक्ष को हटाए जाने की कार्रवाई भी की गई नए प्रदेश अध्यक्ष को जिम्मेदारी दी गई। 

सीएम गहलोत को महंगाई राहत शिविर सफल करने के लिए संविदा कर्मियों को लेना पड़ा था इसके अलावा राजीव गांधी मित्र के माध्यम से उन्होंने महंगाई राज शिविर को तो सफल कर लिया लेकिन  मंत्रालय कर्मचारी नाराज ही रहे।

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