Saturday, 29 August 2026

26 मई को कांग्रेस हाईकमान की बैठक, सीएम गहलोत पायलट सहित कई नेताओं को दिल्ली बुलाया, महत्वपूर्ण फैसले की संभावना !


26 मई को कांग्रेस हाईकमान की बैठक, सीएम गहलोत पायलट सहित कई नेताओं को दिल्ली बुलाया, महत्वपूर्ण फैसले की संभावना !

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 26 मई को दिल्ली में बैठक बुलाई है।  एआईसीसी की इस महत्वपूर्ण बैठक में विधानसभा चुनाव, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट के बीच चल रहा विवाद, मंत्रिमंडल के सदस्यों  के कामकाज, 25 सितंबर की  बगावत को लेकर अनुशासन समिति द्वारा तीन लोगों के नोटिस पर की गई सिफारिश, उदयपुर घोषणा पत्र के अनुरूपपार्टी संगठन में युवाओं, महिलाओं, एससी एसटी और अल्पसंख्यक को 50 प्रतिशत का आरक्षण के अनुरूप ही अब कांग्रेस संगठन की जिला अध्यक्ष, प्रदेश कार्यकारिणी और प्रदेश अध्यक्ष में बदलाव को लेकर समीक्षा और महत्वपूर्ण निर्णय होने की संभावना है ! 

विधानसभा चुनाव से पहले एआईसीसी की महत्वपूर्ण बैठक में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ ही संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल, प्रभारी सुखविंदर सिंह रंधावा, सह प्रभारी अमृता धवन, वीरेंद्र सिंह और काजी निजामुद्दीन उपस्थित लेने की बात सामने आ रही है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से सीएम गहलोत, सचिन पायलट, विधानसभा अध्यक्ष  डॉ.सीपी जोशी, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा,पूर्व प्रतिपक्ष के नेता रहे रामेश्वर डूडी के साथ ही  एआईसीसी के पदाधिकारी भंवर जितेंद्र सिंह, डॉ. रघु शर्मा, हरीश चौधरी, जुबेर खान, धीरज गुर्जर, कुलदीप इंदौरा को भी बुलाए जाने की चर्चा है। 

सीएम गहलोत ने 26 मई की बैठक को लेकर अब अपना रुख और बयान बदल दिए हैं। वे यही कहते नजर आ रहे हैं कांग्रेस में तो अनुशासन होता है हाईकमान जो भी निर्णय करता है उसे हम सब मानकर आगे बढ़ते हैं। उनका यह भी कहना महत्वपूर्ण है कि पहले पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी की और अब मलिकार्जुन खरगे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भी हमारे नेता हैं और उनके जो भी दिशा निर्देश और निर्णय होंगे हम स्वीकार करेंगे और कांग्रेस की सरकार को फिर से लाने के लिए एकजुटता के साथ काम करेंगे। यह नया संदेश निश्चित तौर पर प्रदेश के संगठन और सत्ता में व्यापक फेरबदल का संदेश दे रहा है। 

सीएम गहलोत के संदेश में परिवर्तन से यह स्पष्ट हो रहा है कि 26 मई की  बैठक में निश्चित तौर पर सभी मुद्दों पर समीक्षा की जा सकती है। यह भी बात सही है कि केंद्रीय नेतृत्व कुछ नेताओं से व्यक्तिगत रूप से मिलकर भी विचार विमर्श सकता है ! इस बैठक की तैयारियों को लेकर प्रभारी सुखविंदर सिंह रंधावा बुधवार से जयपुर में है और वे  सीएम गहलोत और प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से संगठन और सत्ता की रिपोर्ट तैयार करा रहे हैं। जिससे कि वे बैठक में अपना प्रेजेंटेशन प्रस्तुत कर सकें। 

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी बैठक में जाएंगे या नहीं अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। सचिन पायलट समर्थित वन मंत्री हेमाराम चौधरी के बयान की रिपोर्ट के साथ ही स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल, जलदाय मंत्री डॉ. महेश जोशी,राजस्व मंत्री रामलाल जाट, खाद्य आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, राजस्थान पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह राठौड़ सहित विभिन्न निगम बोर्ड के अध्यक्ष द्वारा दिए गए बयान को लेकर भी केंद्रीय नेतृत्व नाराज है।इनके बयानों की समीक्षा कर भविष्य में बयानबाजी पर रोक लगाए जाने का निर्णय भी किया जा सकता है। इससे पहले संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल ने एक परिपत्र जारी कर कांग्रेस के नेताओं और मंत्रियों को स्पष्ट हिदायत दी गई थी कि कोई भी बयानबाजी नहीं करेगा। लेकिन उस परिपत्र की अनुपालन किसी ने नहीं की। प्रभारी सुखविंदर सिंह  रंधावा भी अपनी भूमिका को सही तरीके से निभा पाने में सक्षम नहीं हो पाए। उन्होंने नाराज पक्ष को लेकर कोई बैठक नहीं की। इससे उनकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

चलो अब कुछ भी हो लेकिन एआईसीसी द्वारा कांग्रेस नेताओं की 26 मई की बैठक निश्चित तौर पर महत्वपूर्ण है।  इस बैठक में अगर फैसला होता है तो कांग्रेस के लिए सुखद और अच्छे दिन आने की संभावना बनेगी। ऐसा नहीं होता है तो फिर भाजपा द्वारा विधानसभा और लोकसभा चुनाव की तैयारियों का जवाब कैसे दे पाएंगे इस पर भी सवाल उठता है।  अब माहौल में परिवर्तन की संभावना अधिक है और 26 मई की बैठक के फैसले के बाद ही तय होगा कि विधानसभा और लोकसभा के चुनाव में किस नेता की क्या भूमिका रहेगी!


Previous
Next

Related Posts