


मानसरोवर शिप्रा पथ पर राजस्थान मंत्रालय कर्मचारियों की 38 दिन से चली आ रही हड़ताल पर गहलोत सरकार का कोई ध्यान नहीं जा रहा है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे तेज आंधी तूफान बरसात ने मंत्रालय कर्मचारियों के धरना स्थल पर लगे टेंट को भारी नुकसान पहुंचाया।
तेज आंधी और तूफान के साथ बरसात के समय प्रदेशभर से आए हुए 1,000 से अधिक मंत्रालय कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर धरने पर मौजूद थे। दोपहर 2:30 बजे अचानक तेज हवा और बारिश ने उनके टेंट को पूरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान कई कर्मचारी टेंट के नीचे दब गए और घायल होने की बात भी सामने आ रही है।
मंत्रालय कर्मचारियों का आरोप है कि इस घटना के बाद भी सरकार और पुलिस प्रशासन का कोई व्यक्ति वहां मदद के लिए नहीं पहुंचा। इससे मंत्रालय कर्मचारियों में जबरदस्त रोष व्याप्त है। कर्मचारियों के नेताओं ने कहा कि इस धरना स्थल पर अब तक 5 मंत्रालय कर्मचारी शहीद हो चुके हैं। इसके बावजूद भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तरफ से समझौते वार्ता के लिए कोई नहीं पहुंचा है।
मंत्रालय कर्मचारियों की हड़ताल 38 दिन से जारी है और इस आंधी तूफान ने बुधवार को जो तबाही मचाई है उसे तो कर्मचारी पूरी तरह से टूट गया है। अब इन पीड़ित कर्मचारियों की मदद कौन करेगा विपक्ष के लोग भी इनकी मदद के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। कर्मचारियों की मांगे मानना तो दूर की बात है अब इस पीड़ा से कौन मदद करेगा कुछ नहीं कहा जा सकता है।