


कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने योजना भवन के डीओआईटी कार्यालय से 2 करोड़ 31 लाख नकद और 1 किलो सोना मिलने और उसमें व्यापक भ्रष्टाचार होने को लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को भ्रष्ट बताया है ऐसे में प्रतिपक्ष के नेता राजेंद्र राठौड़ नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजेंद्र राठौड़ भी मंत्रिमंडल के सदस्य थे ऐसे वह कैसे बच गए।
बुधवार को कांग्रेस कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए डोटासरा ने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य की भर्तियों के पेपर लीक मामले में केंद्र को निशाना लेते हुए कहा कि मोदी सरकार क्या चुनाव लड़ने के लिए ही पैदा हुई है क्या पेपर लीक के खिलाफ कानून क्यों नहीं बनाया गया।
उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने कहा कि वर्ष 2013 से ही खेला चल रहा है उसमें भाजपा की सरकार थी और राजेंद्र राठौड़ तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की कैबिनेट में मंत्री थे ऐसे में वे अपने आपको कैसे क्लीन चिट दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि वसुंधरा राजे की सरकार में भ्रष्टाचार था तो राजेंद्र राठौड़ को पहले खुद की जांच करानी चाहिए। इसके बाद हमारी सरकार के ऊपर आरोप लगाने चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा ने कहा कि भाजपा के शासनकाल में 11 पेपर लीक हुए थे। इसके बावजूद भी आठ परीक्षाएं निरस्त की गई थी और बाकी तीन में नियुक्तियां दी गई थी। कांग्रेस ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाया था लेकिन भाजपा की सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि सीएम गहलोत सरकार में एसीबी ने जितने आईएएस आईपीएस अधिकारियों को जेल में डाला है उतना किसी भी राज्य में नहीं हुआ। आरोप लगाने से कुछ होता नहीं है उन्होंने कहा कि सीएम गहलोत की सरकार ने हमेशा ही गलत काम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की है ।