


ग्रेटर नगर निगम जयपुर में मेयर सौम्या गुर्जर का भाजपा के पार्षद ही विरोध करने लगे हैं। वित्त समिति की चेयरमैन और कार्यवाहक मेयर रही शील धाबाई ने नगर निगम साधारण सभा की बैठक में आने वाले कार्य सूची में रखे जाने वाले एजेंडा का अनुमोदन वित्त समिति से कराया जाना आवश्यक है। लेकिन ऐसा नहीं किया गया है। वित्त समिति की चेयरमैन शील धाबाई और सदस्यों ने चेतावनी देते हुए कहा कि वे साधारण सभा की बैठक का बहिष्कार करेंगे।
उन्होंने कहा कि वे मेयर सौम्या गुर्जर से मिलने गए थे लेकिन नहीं मिली।आज पूर्व कार्यवाहक मेयर और वर्तमान फाइनेंस कमेटी की चेयरमैन शील धाबाई ने कहा कि नगर निगम कोई भी प्रस्ताव जो 10 करोड़ रुपए तक का होता है उसे मंजूरी फाइनेंस कमेटी देती है और उससे ज्यादा के प्रस्तावों को फाइनेंस कमेटी से पास करवाकर बोर्ड में रखा जाता है। लेकिन यहां तो नगर निगम में मनमर्जी चल रही है। प्रस्ताव कमेटी से पास करवाए बिना ही सीधे बोर्ड में रखकर पास करवाने की तैयारी कर ली है। डोर टू डोर कचरा कलेक्शन में जो भ्रष्टाचार हो रहा है उसे दबाने के लिए ऐसा किया जा रहा है।
शील धाबाई ने मेयर सौम्या गुर्जर पर आरोप लगाया कि वे मन में जो मर्जी आ रहा है वो कर रही है, तमाशा बना कर रख दिया है नगर निगम का। न किसी के फोन उठाती और न किसी की बात सुनती। फाइनेंस समिति के फाइनेंस समितियों के सदस्यों के फोन नहीं उठा रही। हम इस मामले में कमिश्नर से पूछेंगे कि आखिर कैसे प्रस्ताव बिना फाइनेंस कमेटी से पास करवाए बोर्ड में रखे जा रहे है।