


शिक्षा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने शुक्रवार को शिक्षा संकुल में राइट टू एजुकेशन की लॉटरी निकाली। इसके तहत प्रदेश में 37 हजार 345 निजी विद्यालयों में 2 लाख सीटों पर जरूरतमंद बच्चे निशुल्क शिक्षा ले सकेंगे।
शिक्षा मंत्री डॉ. कल्ला ने अपने सरकारी शिक्षकों को नसीहत देते हुए कहा कि अच्छे शिक्षक होने के बावजूद भी हम कमजोर प्रबंधन के कारण निजी विद्यालयों से पिछड़ रहे हैं। हमें ईश्वर भी ध्यान देने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि शिक्षकों का अच्छा वेतन और अच्छी सुविधाओं के बावजूद हम क्यों पिछड़ रहे हैं इस पर हमें चिंतन और मनन करने की जरूरत है ।
उन्होंने कहा कि राइट टू एजुकेशन के तहत 9 लाख बच्चे अब तक इसका लाभ प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि 5 लाख 38 हजार 579 बच्चों ने अलग-अलग विद्यालयों में प्रवेश लिया है। इसके लिए 18 लाख से ज्यादा बच्चों ने आवेदन किया था। इसमें 664 अनाथ, 363 कैंसर और एचआईवी प्रभावित, 478 निशक्तजन, 40,183 बीपीएल और युद्ध विधवा के 1067 बच्चे शामिल है।
उन्होंने कहा कि आरटीआई कानून के तहत प्राइवेट स्कूलों में 25 प्रतिशत निशुल्क प्रवेश देना पड़ेगा। इसके अलावा 75 प्रतिशत बच्चे फीस देकर प्रवेश लेंगे।उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को पांच स्कूलों प्राइटी दी जाएगी और वह अपने अनुसार एक में ऑनलाइन प्रवेश ले सकेगा।