


20 वर्षों से जयपुर शहर में लावारिस लोगों की देह का सम्मानजनक अंतिम संस्कार कर उनकी अस्थियों को हरिद्वार, गंगा में विसर्जित करने का पुनीत कार्य कर रहे हैं सद्भावना के सिपाही। संगठन द्वारा गुरुवार को मालवीय नगर स्थित झालाना डूंगरी मोक्ष धाम से 100 से अधिक लावारिस शवों की अस्थियों को एकत्र कर पूरे विधि – विधान के साथ उन्हें विसर्जन के लिए हरिद्वार भेजा गया। संगठन के अध्यक्ष राजीव अरोड़ा ने जीडी केशवानी के नेतृत्व में रवाना होने वाले दल के साथ पहले अस्थियों की हिंदू रीति रिवाजों से पूजा की।
सद्भावना के सिपाही संगठन के अध्यक्ष राजीव अरोड़ा ने कहा कि सद्भावना के सिपाही संगठन द्वारा पूरे जयपुर शहर में रक्तदान, अंगदान, स्वच्छता सहित अनेक सामाजिक कार्य किए जाते हैं। संगठन के अध्यक्ष राजीव अरोड़ा ने मोक्षधाम को विद्युत शव दाह गृह भी उपलब्ध करवाया था। सेवा कार्यों की इस श्रृंखला में लावारिस शवों की अन्त्येष्टि और अस्थि विसर्जन अतुलनीय एवं अति मानवीय है। उनकी टीम के जी डी केशवानी पिछले 20 वर्षो से इस कार्य में अनवरत लगे हुए हैं। राजीव अरोड़ा ने आगे कहा कि अंतिम क्रियाकर्म एवं गंगा जल में अस्थि विसर्जन मूलभूत मानव अधिकार है, प्रत्येक व्यक्ति जिसका अधिकारी है, और इस कर्म को लावारिस लोगों के लिए संपन्न करवाकर जी डी केशवानी तथा टीम साधुवाद की पात्र है।
उल्लेखनीय है कि ऐसे अनेक लोग होते हैं, जिनके अंतिम समय में कोई स्वजन नहीं होने से उनका अंतिम संस्कार नहीं हो पाता है। उस स्थिति में सद्भावना के सिपाही संगठन के कार्यकर्ता राजीव अरोड़ा के मार्गदर्शन में जी डी केशवानी, ऐरावत शर्मा, सुरेंद्र कुमार, रमेश कुमार अप्पुजानी, महेंद्र नागपाल, रितु सोमानी, सूरज मीना व संगठन के अन्य जन इस कार्य को सम्पन्न करते हैं।