Saturday, 29 August 2026

क्या सीएम गहलोत सोनिया को दिए पुराने वादे को करेंगे पूरा, कर्नाटक जीत के बाद केंद्रीय नेतृत्व में आई जान, परिवर्तन संभव !


क्या सीएम गहलोत सोनिया को दिए पुराने वादे को करेंगे पूरा, कर्नाटक जीत के बाद केंद्रीय नेतृत्व में आई जान, परिवर्तन संभव !

पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट की जन संघर्ष पदयात्रा का आज अंतिम दिन है और कुछ देर बाद जयपुर की सीमा कमला नेहरू नगर में आमसभा के साथ समाप्त हो जाएगी। सचिन पायलट की जन संघर्ष पदयात्रा को मिले अपार जनसमर्थन से दिल्ली तक हलचल तेज है। राजनीतिक नेताओं के बयान बदलने लगे हैं और सचिन पायलट के खिलाफ कोई कार्रवाई करने की जगह  उनसे समझौते की बात फिर से चर्चा में आने लगी है। 

सचिन पायलट जनसभा में क्या कुछ ऐलान करेंगे इस पर भी सबकी निगाहें टिकी हुई है। यह तो स्पष्ट हो रहा है कि सचिन पायलट ऐसी कोई बात नहीं करेंगे जिससे कि हाईकमान तक गलत संदेश चला जाए। अब सचिन पायलट यही कहेंगे कि हमने युवाओं की आवाज को सरकार के समक्ष लाकर पेश कर दिया है अब सरकार का दायित्व बनता है कि वे दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करके यह संदेश देने का काम करें कि सरकार गलत लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। यह भी संभव है कि अब आरपीएससी के सदस्य बाबू लाल कटारा जो कि जेल में है उनके मकान को तोड़े जाने की कार्रवाई की जा सकती है। 

आरपीएससी के अध्यक्ष और  सदस्य बाबूलाल कटारा को हटाए जाने का भी प्रस्ताव राष्ट्रपति के पास मौजूद है। उनकी मंजूरी मिलते आरपीएससी में नई नियुक्तियां संभव है और उसके नए नियम भी बनाए जा सकते हैं। फिलहाल राजनीतिक हलचल तेज है भाजपा भी अब यह इंतजार कर रही है कि कांग्रेस क्या कुछ निर्णय कर सकती हैं। कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद निश्चित तौर पर हाईकमान का ध्यान अब सीधे तौर पर राजस्थान में आने वाला है। यह भी चर्चा जोरों पर है जब कर्नाटक में मुख्यमंत्री के निर्णय के लिए 1 लाइन का प्रस्ताव केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जा सकता है तो फिर राजस्थान में जो अशोक गहलोत सोनिया गांधी के समक्षअपनी गलती को स्वीकार करते हुए माफी  मांगी थी  और कहा था कि मैं अपने विधायकों को कांग्रेस की परंपरा के अनुरूप निर्णय  कराने में सक्षम नहीं हो सका  शीघ्र ही मैं कांग्रेस की परंपरा को कायम  रखकर विधायक दल की बैठक में एक लाइन का प्रस्ताव पारित कराकर भेजूंगा। क्या अब विधायक दल की बैठक में एक लाइन का प्रस्ताव पारित होकर केंद्रीय नेतृत्व जाएगा या फिर अशोक गहलोत अपनी मनमानी कायम रखेंगे!

सचिन पायलट ने ऐलान कर दिया है कि मुख्यमंत्री का नेतृत्व परिवर्तन करो या मुख्यमंत्री से गृह विभागऔर वित्त विभाग  वापस लो और अन्य को दो। क्या यह संभव हो पाएगा या नहीं चर्चा बहुत तेज है।  क्या मंत्रिमंडल का बदलाव शीघ्र होने वाला है। क्या मुख्यमंत्री बदला जाएगा या नहीं बदला जाएगा अभी कुछ पता नहीं । लेकिन यह बात सही है कि संगठन को नयाअध्यक्ष घोषित  मिलने वाला है या नहीं निर्णय होना बाकी है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रस्ताव पारित कर के केंद्रीय नेतृत्व को भेज रखा है निर्णय आप दिल्ली से ही होना है। जून माह में विधानसभा का सत्र आएगा उस विधानसभा के सत्र में नजारा बदल चुका होगा ऐसा विश्वास किया जा रहा है। 

मौजूदा विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सीपी जोशी भी अब पहले से अधिक सक्रिय हो गए। दिल्ली की यात्रा के बाद उन्होंने यह कहना शुरू कर दिया है कि उन्हें फिर चुनाव जीतना है तो ऐसे में विधानसभा के अंदर बैठे देने से काम नहीं चलेगा अब वह भी सक्रिय होकर अपने क्षेत्र में दिखने लगे हैं। उस दिन का इंतजार जरूर कीजिए राजस्थान में नई बयार आने का संकेत आने लगा है अब परिवर्तन में कौन जाएगा कौन रहेगा इसके लिए भी हमें कुछ इंतजार ही करना पड़ेगा।

सचिन पायलट की पांच दिवसीय जन संघर्ष पदयात्रा में समाप्त हो रही है। यात्रा में जिस तरह के लोग जुड़े हैं उससे यह कहा जा रहा है कि सचिन पायलट के साथ नए लोग जुड़ रहे हैं और सवेरा होने वाला है इस सवेरे में किसको क्या मिलेगा इसका भी हमें इंतजार है निर्णय तो हाईकमान को ही करना है अब देरी करने से जो बदलाव के बयार आने वाली है वह नहीं आ पाएगी।

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