


पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के शासनकाल में खुलकर भ्रष्टाचार हुआ हमने उसकी जांच कराने की मांग सत्ता में आने से पहले की थी। दुर्भाग्य की बात रही कि सत्ता में आने के बाद हम उसकी जांच कराने में सफल नहीं हो पाए और आज उसी मांग को लेकर हम लोगों के बीच आए हैं और संघर्ष शुरू किया है
पायलट ने गुरुवार को अजमेर से जन संघर्ष पदयात्रा शुरू करने से पहले युवाओं औरआम लोगों को संबोधित करते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री पायलट ने कहा कि सीएम गहलोत ने बिना जांच के ही यह ऐलान कर दिया था कि पेपर लीक कांड में मेरा कोई नेता और अधिकारी शामिल नहीं है। उनके बयान के बाद जब आरपीएससी का सदस्य बाबू लाल कटारा पीपली के मामले में पकड़ा गया तो सीएम गहलोत के जल्दबाजी का बयानभी गलत साबित हो गया। उन्होंने सीएम गहलोत से मांग करते हुए कहा कि जब एक दलाल की बिल्डिंग जमींदोज की जा सकती है तो अभी तक आरपीएससी के सदस्य बाबू लाल कटारा जो कि जेल में है उसके भवन पर बुलडोजर क्यों नहीं चलाया जा रहा है ?
पूर्व डिप्टी सीएम पायलट ने स्पष्ट तौर पर कहा कि जनता सब जानती है कि क्या कुछ हो रहा है। उन्होंने अजमेर के लोगों के साथ करीब का रिश्ता बताया और कहा कि मैं यहां का जनप्रतिनिधि रहा हूं और लोग मुझे सब लोगजानते हैं कि मेरे में क्या कुछ है मैं किस प्रकार का व्यक्ति हूं। उन्होंने कहा कि सीएम गहलोत कांग्रेस के वरिष्ठ और इमानदार जनप्रतिनिधि हेमाराम चौधरी और बृजेंद्र ओला के खिलाफ 10-15 करोड़ लेने का आरोप लगा देते हैं जबकि वे लोग समाज के लिए बहुत कुछ दे चुके हैं जिससे स्पष्ट होता है कि सीएम गहलोत क्या कुछ कह रहे हैं।
पूर्व डिप्टी सीएम पायलट ने कहा कि जन संघर्ष पदयात्रा किसी के विरोध के लिए नहीं है बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ है और युवाओं को न्याय दिलाने के लिए शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि रास्ता मुश्किल है लेकिन इस करारी धूप में हम युवाओं की आवाज बनकर लोगों के बीच में है अब उन्हीं से बात कर पता लगाएंगे कि आखिर भ्रष्टाचार और पेपर लीक के मामले में क्या कुछ करना चाहिए ।