


पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने सीधे तौर पर कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने झूठे और गलत आरोप लगाकर निष्ठावान कांग्रेस के मंत्रियों और विधायकों को बदनाम करने के लिए यह सब कुछ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात का नाउम्मीद हो गया हु कि मुख्यमंत्री जी भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं करेंगे। उन्होंने ऐलान करते हुए कहा कि वे अजमेर राजस्थान लोक सेवा आयोग से पेपर लीक हुआ है वहां से वे भ्रष्टाचार के खिलाफ और नौजवानों की बात सुनने के लिए जन संघर्ष पद यात्रा 11 मई से शुरू करूंगा और यह पदयात्रा जयपुर तक होगी जिसमें लगभग 5 दिन लगेंगे। ऐसा माना जा रहा है कि सचिन पायलट 15 मई को जयपुर में जनसभा करके कोई नया ऐलान भी कर सकते हैं?
उन्होंने कहा कि इस यात्रा के बाद हम निर्णय करेंगे कि नौजवानों की आवाज बनकर प्रदेश में पार्टी के मजबूत करें और आगे आए। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट हो गया है कि सीएम गहलोत की नेता सोनिया गांधी नहीं मानते है बल्कि वसुंधरा राजे नेता मानते हैं । उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को गिराने का काम करती है और वसुंधरा राजे सरकार को बचाने का काम किया हैं। उन्होंने कहा कि इससे यह स्पष्ट होता है कि आने वाले समय में सीएम गहलोत क्या कुछ करने वाले हैं यह समझ में आता है।
पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहा कि सीएम गहलोत सार्वजनिक जीवन में अच्छा काम करने वाले हेमाराम चौधरी, बृजेंद्र ओलाऔर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दीपेंद्र सिंह शेखावत जैसे मंत्री और वरिष्ठ विधायक पर आरोप लगा रहे हैं कि उन्होंने पैसे लिए तो यह गलत है उन्होंने कहा कि हमने तो केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष राजस्थान में मुख्यमंत्री बदलने को लेकर संघर्ष किया था और उस संघर्ष को लेकर मुख्यमंत्री जो आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे वह झूठे और गलत हैं।
पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहा कि मैं भी सीएम गहलोत के खिलाफ आरोप लगा सकता हूं लेकिन मैं ऐसा नहीं करूंगा ह जो तथ्यों से परे हैं। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि अगर हम लोगों के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया हां और अब आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीएम गहलोत के पास शासन हैं और वे जांच करा कर स्पष्ट करें कि सच्चा कौन झूठा है। उन्होंने कहा कि मुझे अब उम्मीद नहीं है कि मुख्यमंत्री कुछ करेंगे यही कारण है कि मुझे जन संघर्ष पदयात्रा निकालने का निर्णय करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान लोक सेवा आयोग का सदस्य बाबू लाल कटारा पेपर लीक के मामले में जेल में है उनका बेटा और पुत्र भी दोषी मानकर जेल में है। ऐसे में वह वहीं से पदयात्रा शुरू करके युवाओं को साथ लेकर के न्याय मांगेंगे उस न्याय में क्या कुछ होगा यह तो 5 दिन बाद ही पता चगेगा जब 125 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर जयपुर पहुंचेंगे। यह माना जा रहा है कि जयपुर में बड़ी आमसभा करके अपनी बातों को रखेंगे और मुख्यमंत्री गहलोत को सीधे तौर पर ललकारगे कि युवाओं के हक में फैसला करें।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मुझे कोरोना, गद्दार और निकम्मा भी कहा और कई आरोपी मुझ पर लगाए लेकिन मैंने कभी भी अपनी मर्यादा और अनुशासन नहीं छोड़ा और कभी भी गलत आरोप नहीं लगाए जो मुख्यमंत्री जी बार-बार लगाकर बदनाम करने की कोशिश करते हैं जो कि किसी भी सूरत में सही नहीं है ।
उन्होंने कहा कि 3 साल पहले नेतृत्व परिवर्तन लेकर हमने दिल्ली में जो प्रदर्शन किया उसके बाद अहमद पटेल, अजय माकन और केसी वेणुगोपाल की कमेटी बनी थी और कुछ समझौता हुआ था वह समझौता आज तक लागू नहीं हुआ। जब भी समझौता लागू होने की बात होती है मुख्यमंत्री कोई न कोई बहाना बनाकर विवाद करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के निर्देशानुसार राज्यसभा के चुनाव में पार्टी के उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया था। उस समय सीएम गहलोत यह भूल गए थे कि हमने पार्टी का साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया है।