


मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि चुनाव आयोग को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव प्रचार पर रोक लगा देनी चाहिए । उन्होंने कहा कि कोई धार्मिक हिसाब से चुनाव में बात करें तो उसके प्रचार पर रोक लगा देनी चाहिए कानून इसकी इजाजत नहीं देता।
सीएम गहलोत और कॉन्ग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा शनिवार को पत्रकारों से पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह बात कही। सीएम गहलोत ने पुरानी बातों को याद करते हुए कहा कि भैरव सिंह शेखावत एक बार गंगानगर से चुनाव में खड़े हुए थे गंगानगर की जनता ने उन्हें चुनाव हरा दिया था और बाली से चुनाव जीते थे। उन्होंने कहा कि भैरोसिंह शेखावत ने चुनाव में राम मंदिर और धार्मिकता का उपयोग किया। उनके खिलाफ इलेक्शन पिटिशन हुई और काफी समय तक चलती रही उनकी सदस्यता जा रही थी। ऐसे में जवाब देने वाले सीपीएम के सदस्य को किसी तरह से मैनेज कर लिया गया और शेखावत बज गए।
सीएम गहलोत ने कहा कि पीएम मोदी खुलकर धार्मिकता का प्रयोग कर रहे हैं उनके चुनाव प्रचार पर चुनाव आयोग को रोक लगानी चाहिए।
स्वयं गहलोत ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खड़के और उसके परिवार का सफाया करने की धमकी दी जा रही है । उन्होंने इस धमकी की साजिश तौर पर निंदा की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने इलेक्शन कमिशन की छुट्टी पर भी सवाल खड़ा किया कहा कि आरएसएस का फिक्स एजेंडा है।
सीएम गहलोत ने कहा किबजरंग दल या कोई अन्य दल किसी भी नाम पर होता है। उन्होंने कहा कि सीधे तौर पर कोई कार्यवाही नहीं की जाती है उनकी गतिविधियों को देखकर सरकार कार्रवाई करती है। उन्होंने कहा कि प्रवीण तोगड़िया ने त्रिशूल बांटे थे इस कारण उनके खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में बजरंग दल बेन के मामले चुनावी मुद्दा नहीं बन सका इसलिए भाजपा बौखलाई हुई है।