


महाराष्ट्र की राजनीति में एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार के इस्तीफे देने से आया भूचाल अब थम गया है। एनसीपी में होने वाली तोड़फोड़ को रोकने के लिए शरद पवार राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था।कार्यकर्ताओं विरोध के चलते सपा वालों ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया। वहां की स्थिति को पार्टी बनी 16 सदस्यों की कमेटी ने इस्तीफा नामंजूर कर दिया था।
शरद पवार के इस्तीफे के बाद यह कयास लगाया जाना लगा था कि शरद पवार के नहीं रहने से पार्टी में विघटन की स्थिति पैदा हो जाएगी। आप शरद पवार के मरने के बाद पार्टी के नेता अजित पवार कि गलत गतिविधियों पर अंकुश लगेगा। सभी राजनीतिक पार्टी के नेता या फिर कर रहे थे कि वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में विपरीत असर पड़ेगा इसके रहते हैं उन्हें पार्टी में बना रहना चाहिए। इसी बात को ध्यान में रखते हुए शरद पवार ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। अबे सीपी में आया हुआ तूफान भी पूरी तरह से थक गया।