


पूर्व महाधिवक्ता गिरधारी सिंह बापना ने पारिवारिक न्यायालय के संरक्षक पूनम चन्द भंडारी एडवोकेट, अध्यक्ष डी एस शेखावत कार्यकारिणी सदस्यों के साथ गहलोत सरकार द्वारा पारिवारिक न्यायालय को गांधीनगर मोड़ पर आवंटित भूमि का निरीक्षण किया और पारिवारिक न्यायालय परिसर में कार्यरत न्यायालयों का अवलोकन किया। उन्होंने पक्षकारों की भीड़ को देखकर पूर्व महाधिवक्ता बाफना व्यथित हो गए और कहा कि बहुत तकलीफदेह है महिलाओं की परेशानी को समझा और न्यायालय द्वारा ऐसी विकट परिस्थिति में भी काम करते हुए देखा। पूर्व महाधिवक्ता बाफना नेउसी समय प्रमुख सचिव वित्त से बात करके अनुरोध अनुरोध किया कि पारिवारिक न्यायालय के भवन निर्माण के लिए शीघ्र ही बजट आवंटित किया जाए ताकि भवन निर्माण हो सके।
पारिवारिक न्यायालय बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी ने पूर्व महाधिवक्ता बाफना का बार में स्वागत किया और पारिवारिक न्यायालय की समस्याओं से अवगत कराया। बापना ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत साहब भी चाहते हैं कि जल्दी ही अत्याधुनिक पारिवारिक न्यायालय का निर्माण हो उम्मीद करते हैं कि पहले चरण का निर्माण तीन-चार माह में हो जाए।
पूर्व महाधिवक्ता बापना ने पारिवारिक न्यायालय बार एसोसिएशन के अथक प्रयासों की सराहना की और कहा कि यह बहुत फक्र की बात है कि एसोसिएशन जनता के दर्द को समझती है और अपना कीमती समय निकालकर जनता के लिए काम किया।
उल्लेखनीय है कि पारिवारिक न्यायालय संरक्षक पूनम चन्द भंडारी एडवोकेट, अध्यक्ष डीएस शेखावत कार्यकारिणी के प्रयासों से और गहलोत सरकार के सहयोग से पूर्व में तीन काउंसलिंग रूम पारिवारिक न्यायालय को दिए गए और उसके पश्चात भूमि का आवंटन किया और न्यायालय के नाम रजिस्ट्री कराई और अब शीघ्र ही भवन निर्माण होगा और जब तक भवन निर्माण नहीं होगा तब तक महिला आयोग से न्यायालय के लिए कुछ कमरे उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।