


सेकंड ग्रेड पेपर लीक के मामले में गिरफ्तार हुए राजस्थान लोक सेवा आयोग के सदस्य बाबूलाल कटारा हटाए जाने का मामला मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू के पास भिजवाया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अनुमति के बाद उन्हें हटाए जाने की कार्रवाई की जाएगी।
सीएम गहलोत ने यह कार्रवाई यह दिखाते भी की है कि वह भ्रष्टाचार करने वाले के साथ नहीं है । इसी के चलते उन्होंने उन्हें हटाए जाने के लिए सख्त कदम उठाया है। जिससे कि यह कहा जा सके कि सीएम गहलोत ऐसे व्यक्ति के पक्षधर नहीं है।
आरपीएससी के सदस्य बाबूलाल कटारा मौजूदा स्थिति में एसओजी के पास रिमांड पर हैं । एसओजी ने उनके घर से 53 लाख रुपए भी बरामद किए हैं इसके अलावा उनके पुत्र को भी गिरफ्तार किया है।
राजस्थान के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि किसी से वैधानिक संस्था के सदस्य को हटाए जाने के लिए यह कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सिफारिश पर बाबूलाल कटारा को अक्टूबर 2020 में राजस्थान लोक सेवा आयोग का सदस्य बनाया गया था ।। उनका कार्यकाल वर्ष 2026 तक पूरा होना था।