

स्वर्ण नगरी जैसलमेर महातीर्थ में सोमवार को प्रातः जैन भवन स्थित भगवान नमिनाथ जिनालय के प्रांगण में जैन ट्रस्ट,सकल जैन संघ एवं पार्श्व महिला मंडल के तत्वावधान में जिन शासन स्थापना दिवस के पावन अवसर पर स्नात्र पूजा,शासन ध्वज आरोहण एवं ध्वज वंदना का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रवक्ता पवन कोठारी ने बताया कि क्षेत्रीय सभा जैसलमेर अध्यक्ष महेंद्र भाई बाफना, सहमंत्री नेमीचंद जैन, महिला मंडल अध्यक्ष अल्का जैन ने सकल जैन संघ को शासन स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी।
महेंद्र भाई बाफना ने कहा कि 2600 वर्ष पूर्व वैशाख शुक्ल दसमी को बिहार क्षेत्र की ऋजुबालिका नदी के तट पर जैन धर्म के 24 वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी को संध्या काल में कैवल्य ज्ञान प्रकट हुआ। उसी समय देवराज इन्द्र ने देवताओं की सहायता से भव्य समवशरण की रचना की। उन्होंने कहा कि समवशरण में देव,देवी,पशु,पक्षी बड़ी संख्या में उपस्थित हुए किन्तु प्रत्याख्यान ग्रहण कर महाव्रत अथवा अणुव्रत धारण करने योग्य कोई मनुष्य उपस्थित नहीं हुआ।इस कारण से परमात्मा महावीर ने एक अन्तर मुहूर्त में ही देशना पूर्ण कर वैशाख शुक्ल ग्यारस के दिवस समवशरण में सर्व विरति एवं देश विरति धर्म का उपदेश देकर जिनशासन स्थापित किया जो पंचम अरे के 21000 वर्षों तक स्थापित रहेगा।
इस शासन के प्रमुख अंग इन्द्रभूति गौतम जैसे महाव्रतधारी साधु,चंदनबाला जैसी महाव्रतधारी साध्वी, आनंद जैसे अणुव्रत धारी श्रावक एवं रेवती सुलषा जैसी अणुव्रत धारी श्राविकाएं हैं।इस चतुर्विध संघ की स्थापना वर्षों पूर्व आज ही के दिन हुई इसलिए जैन अनुयायियों के लिए इस दिवस का विशेष महत्व होता है। सहमंत्री नेमीचंद जैन ने कहा कि सत्य, अहिंसा,अचौर्य, ब्रह्मचर्य एवं अपरिग्रह महाव्रत है जिन्हें जानना सरल है किन्तु उस मार्ग का पालन करना अत्यंत दुष्कर है। उन्होंने कहा कि जिन शासन के प्रति एक निष्ठ होकर भगवान के मार्ग का रक्षण,पालन तथा प्रचार करते रहना ही चतुर्विध संघ का दायित्व है।
इस अवसर पर व्यवस्थापक विमल जैन, रमेश जैन, नेमीचंद राखेचा, ऊषा चौरड़िया, ऊषा बागचार, सुनंदा पारख,निर्मला राखेचा, लक्ष्मी राखेचा, विमला राखेचा,नीलम चौरड़िया,पुजारी, जाकिर सहित उपस्थित यात्रियों ने भाग लिया।