Saturday, 29 August 2026

’मन की बात’ कार्यक्रम की 100 वीं कड़ी की राजभवन में स्क्रीनिंग : राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए लोगों को प्रेरित कर रहा ’मन की बात’ : कलराज मिश्र


’मन की बात’ कार्यक्रम की 100 वीं कड़ी की राजभवन में स्क्रीनिंग : राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए लोगों को  प्रेरित कर रहा ’मन की बात’ :  कलराज मिश्र

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ’मन की बात’ कार्यक्रम की सौवीं कड़ी की रविवार को यहां राजभवन में स्क्रीनिंग की गई। कार्यक्रम में कला, संस्कृति, चिकित्सा, खेल, उद्यमिता आदि विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने भाग लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि ’मन की बात’ कार्यक्रम सकारात्मकता और जन सहभागिता का उत्सव है, जो समाज में बदलाव लाने वाले प्रयासों को सामने लाकर दूसरों के गुणों से सीखने की प्रेरणा देने का कार्य कर रहा है। 

राज्यपाल कलराज मिश्र ने कार्यक्रम के बाद उपस्थित गणमान्यजन को सम्बोधित करते हुए कहा कि ’मन की बात’ कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ऐसी ऐतिहासिक और अनूठी पहल है, जिसमें नागरिकों से प्रधानमंत्री का सीधा संवाद होता है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम लोगों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित कर रहा है, यही इसकी सफलता और सार्थकता है। उन्होंने कहा कि  ‘मन की बात’ कार्यक्रम देश में हो रही प्रगति से तो अवगत कराता ही है, साथ ही उन लोगों के जीवन को भी सामने लाता है जो समाज के लिए कुछ अनूठा और महत्वपूर्ण कर रहे हैं।


राज्यपाल मिश्र ने कहा कि ’मन की बात’ कार्यक्रम की पिछली कड़ियों को सौ करोड़ लोगों ने कम से कम एक बार सुना है। करीब 23 करोड़ लोग इसे नियमित रूप से सुनते हैं। उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी प्रसारण होने के बाद से इस कार्यक्रम को निरंतर सुनते रहे हैं। 

हरियाणा के सुनील जगलान, जम्मू -कश्मीर के पेंसिल स्लेट व्यवसायी मंजूर अहमद, हिमालय की सफाई के लिए काम कर रहे श्री प्रदीप और मणिपुर की विजय शांति से बात कर जाना कि ’मन की बात’ में आने के बाद उनके कार्य को कितनी गति मिली है। 

प्रधानमंत्री मोदी ने यूनेस्को महानिदेशक का संदेश कार्यक्रम में प्रसारित किए जाने के बाद बताया कि शिक्षा और संस्कृति संरक्षण भारत की प्राचीन परम्परा का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति और शिक्षा में तकनीकी अनुप्रयोगों को अपना कर इसे गति प्रदान की गई है । उन्होंने नागरिकों से विदेश यात्रा से पहले देशी पर्यटन स्थलों पर जाने का आह्वान भी किया।  

सुल्तान बावड़ी की सफाई का बीड़ा उठाने वाले  श्री सुनील सत्यनारायण, बुनकरों के लिए काम करने वाली हस्तकला विशेषज्ञ सुश्री रुमा देवी, पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य कर रहे पद्म श्री लक्ष्मण सिंह, प्रख्यात सितार वादक श्री विश्व मोहन भट्ट ने भी कार्यक्रम के बाद अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में पैरालिम्पियन श्री देवेन्द्र झाझड़िया, निशानेबाज सुश्री अवनि लेखरा , गायक श्री रवीन्द्र उपाध्याय,  गजल गायक श्री अहमद हुसैन एवं श्री मोहम्मद हुसैन ने भी विचार व्यक्त किए। 

आजादी के अमृत महोत्सव और केन्द्र सरकार की नौ साल की उपलब्धियों पर आधारित मल्टीमीडिया डिजिटल प्रदर्शनी प्रसार भारती की ओर से इस अवसर पर राजभवन में लगाई गई, राज्यपाल श्री मिश्र ने इस प्रदर्शनी का अवलोकन कर इसे सराहा। प्रदर्शनी में आत्मनिर्भर भारत, नारी शक्ति, स्वच्छ भारत, अन्नदाता, स्वास्थ्य के लिए योग, पर्यावरण संरक्षण, निस्वार्थ सेवा, डिजिटल इंडिया, फिट इंडिया आदि से जुड़े विभिन्न आयामों को प्रदर्शित किया गया।  

इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव सुबीर कुमार, प्रमुख विशेषाधिकारी गोविन्दराम जायसवाल, पीआईबी की अपर महानिदेशक श्रीमती ऋतु शुक्ला, दूरदर्शन के केन्द्राध्यक्ष सतीश देपाल सहित प्रसार भारती के अधिकारी-कर्मचारियों सहित गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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