


अचानक कांग्रेस की राजनीति में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी चर्चा में आ गए हैं। शनिवार को पार्टी प्रभारी सुखविंदर सिंह रंधावा और सचिन पायलट की मुलाकात ने डॉ. जोशी को महत्वपूर्ण बना दिया है। हालांकि दोनों नेता डॉ जोशी की मुलाकात को शिष्टाचार बता रहे हैं।
पायलट ने मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधियों को और संगठन के कार्यकर्ताओं को धरातल पर जाना चाहिए और कार्यकर्ताओं की भावना समझ कर काम करना चाहिए।उन्होंने कहा कि मैंने भी एआईसीसी को सुझाव दिए थे उस पर अमल करना चाहिए।
पायलट ने कहा कि सह प्रभारी की नियुक्ति समय-समय पर होती रहती है राजस्थान में भी चुनाव छह महीने दूर हैं ऐसे में लोगों को जिम्मेदारी दी गई है इसका अच्छा संकेत जाएगा। उन्होंने कहा कि डॉ. सीपी जोशी ने प्रसादी का कार्यक्रम रखा है और मैं उस में नहीं रह पाऊंगा इसलिए पहले ही मिलने आ गया हूं।उन्होंने कहा कि जंतर मंतर पर अगर मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को बैठना पड़े और उन्हें न्याय नहीं मिले तो यह शर्म की बात है। उन्होंने कहा कि मैं उनका खुला समर्थन करता हूं उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अपने नेता के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है यह गलत बात है उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के बाद एफआईआर दर्ज हुई है। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है।
पायलट ने कहा कि मुद्दों की राजनीति होनी चाहिए केंद्र सरकार हर मोर्चे पर विफल है ऐसे में जनता कर्नाटक में बदलाव चाहती है भाजपा की सरकार लगाकर वोट लेना की कोशिश कर रही है लेकिन यह चलने वाला नहीं है उन्होंने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार बनाएगी।पायलट ने कहा कि सोनिया गांधी के प्रति भाजपा कर्नाटक के नेता गलत भाषा का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा ऐसा लगता है कि कर्नाटक के भाजपा नेता हार के चलते बौखला गए हैं और वह इस तरह की गलत बयानबाजी कर रहे हैं।
प्रभारी रंधावा नहीं भी पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि डॉ जोशी वर्ष 2002 में पंजाब के प्रभारी रहे हैं और वह वरिष्ठ नेता है ऐसे में उनसे मुलाकात की है। वे मौजूदा स्थिति में विधानसभा के अध्यक्ष हैं ऐसे में उनसे इस तरह की मुलाकात करना पार्टी के हित में है। उन्होंने कहा कि उनसे मिलकर निश्चित तौर पर राजनीतिक पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की जानकारी प्राप्त हुई है और वह मेरे लिए निश्चित तौर पर लाभदायक रहेगी।