


गहलोत सरकार का फ्री बिजली देने का दावा खोखला साबित हो रहा है। महंगाई की मार झेल रही जनता पर बिजली की दरों में 45 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी करके आफत में डाल दिया है, यह आरोप आम आदमी पार्टी ने लगाया है।
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बढ़ी हुई दरों को वापस लेने की मांग को लेकर गुरुवार को स्टेच्यू सर्किल पर विरोध प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष कमल भार्गव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओ ने विरोध प्रर्दशन किया। इस दौरान भार्गव ने कहा कि प्रदेश की सरकार जनता के साथ दोहरा मापदंड अपना रही है। एक तरफ 100 यूनिट बिजली फ्री देने की बात कर रही हैं तो दूसरी तरफ़ 45 पैसे प्रति यूनिट फ्यूल सरचार्ज के नाम से बढ़ा कर बिल थमाए जा रहे हैं। अगर गहलोत सरकार ने बढी हुई दरें वापस नहीं ली तो आम आदमी पार्टी प्रदेश भर में बड़ा आंदोलन करेगी।
स्टेट ज्वाइंट सेक्रेटरी प्रशांत कुमार ने कहा कि आम आदमी पार्टी आम जन के हर मुद्दे के साथ है। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में बिजली, पानी, शिक्षा जैसे जरूरी मुद्दों पर सबसे पहले काम शुरु कर देश की राजनीति को नई दिशा दी थी। उस समय बीजेपी और कांग्रेस आम आदमी पार्टी की बिजली फ्री योजना का विरोध कर रहे थे और अब यही राजनीतिक दल आम आदमी पार्टी की राह पर चलने के दावे करने लगे हैं।
स्टेट विमेन विंग उपाध्यक्ष ऋतु सांवरिया ने कहा कि आम आदमी पार्टी की राह पर चलना आसान नहीं है, क्योंकि आम आदमी पार्टी जन आंदोलन से निकली पार्टी है और हमेशा जनहित में फैसले लेती है। फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने के बाद से उपभोक्ताओं की जेब पर हर महीने 150 से लेकर 1000 रुपए तक का अतिरिक्त भार आएगा। एक तरफ महंगाई की मार और अब ऊपर से बिजली की दरें बढ़ा दी। गर्मी के मौसम में सरकार राहत की बजाय जनता को आफत दे रही है।
लोकसभा इंचार्ज गिरधारी लाल सेपट ने बताया कि बढ़े हुए सरचार्ज से बिजली विभाग उपभोक्ताओं से अप्रैल में 562 करोड़ रुपए वसूल चुका है और मई में 900 करोड़ रुपए वसूलेगा।
स्टेट सेक्रेटरी मीनाक्षी जैदी ने कहा कि अब कांग्रेस सरकार के दोगलेपन को जनता जान चुकी है और इस सरकार के गिनती के दिन बचे हैं। क्योंकि पहले प्रदेश की जनता के पास बीजेपी और कांग्रेस के अलावा कोई और मजबूत विकल्प नहीं होता था। लेकिन अब जनता के सामने एक मजबूत विकल्प के रूप में आम आदमी पार्टी मैदान में है और हर मोर्चे पर अन्याय के खिलाफ लड़ने को तैयार है।