


पटना हाईकोर्ट ने राहुल गांधी को मानहानि के मामले में मंगलवार को सुनाई करते हुए राहत प्रदान की। राहुल गांधी की ओर से हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र लगाकर कहा गया था कि सूरत सेशन कोर्ट के माध्यम से इसी प्रकार के मामले में सजा हो चुकी है ऐसे में इस मामले में यहां पर कोई कार्यवाही नहीं होनी चाहिए ।
कोर्ट ने निचली अदालत को फिलहाल कोई कार्रवाई करने से रोक लगा दी है। कोर्ट ने 15 मई का समय निर्धारित किया है। कोर्ट ने राहुल गांधी की उपस्थिति हाजिरी माफी भी दे दी।
पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी के अधिवक्ता एचडी संजय ने कहा कि कोर्ट ने निर्देशित किया है कि इस मामले में वह अपना पक्ष प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि मैं अब आगे कानूनी प्रक्रिया की जानकारी कर कोर्ट में यह प्रस्तुत करूंगा कि इस मामले में दोबारा सुनवाई की जा सकती है या नहीं या उसी सजा को मान लिया जाएगा ।
12 अप्रैल को एमपी और एमएलए कोर्ट को पेश होना था लेकिन वह नहीं आए। कोर्ट में राहुल गांधी की सशरीर उपस्थित नहीं होने पर उनके वकील ने कोर्ट से उपस्थिति की छूट मांगी। वहीं उनपर "मोदी सरनेम" को लेकर केस करने वाले पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सभा सांसद सुशील मोदी के अधिवक्ता एसडी संजय ने विशेष न्यायाधीश राहुल गांधी की जमानत कैंसिल करने की मांग की थी।
उन्होंने कहा था कि कोर्ट से अपील है कि राहुल गांधी की जमानत को रद्द करके उन्हें न्यायालय में सदेह उपस्थित कराने को सुनिश्चित करने के लिए उनके विरूद्ध गिरफ्तारी का वारंट निर्गत करने का आदेश जारी किया जाए। इसके बाद कोर्ट ने 25 अप्रैल को सशरीर उपस्थित होने का आदेश दिया था। इसके बाद राहुल गांधी ने पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सोमवार को हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई। जस्टिस संदीप कुमार की कोर्ट ने एमएपी-एमएल कोर्ट में पेशी के आदेश पर स्टे लगा दिया।