


जयपुर शहर को दो जिलों में बांटने का विरोध अब तेजी से होने लगा है।सिविल लाइन से विधायक और खाद्य आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने स्पष्ट और बढ़ता है कि मैंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत,प्रभारी सुखेंद्र सिंह रंधावा और प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से बातचीत की है। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर जयपुर के दो टुकड़े नहीं होने देंगे। मैं सरकार का प्रवक्ता होने के नाते यह कह सकता हूं। उन्होंने कहा कि कि आखिर सीएम ने घोषणा किसके कहने पर की मैंने इस बात की नाराजगी भी जताई है।
भाजपा से जयपुर के सांसद रामचरण बौहरा ने कहा कि जयपुर शहर की विरासत और हेरिटेज हमारी शान है। उन्होंने कहा कि जयपुर को बांटने से पहले जनप्रतिनिधियों की राय नहीं ली गई और आनन-फानन में ही देने कर दिया गया।
भाजपा के विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक नरपत सिंह राजवी ने कहा कि इस मामले को लेकर मैंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखा है लेकिन अभी तक उनका कोई जवाब नहीं आया है। उन्होंने कहा कि सीएम गहलोत ने क्या सोचकर 2 जिलों में बांटने की घोषणा की है? उन्होंने कहा कि राजनीतिक तौर पर लाभ लेने के लिए यदि किया है तो इसका लाभ कांग्रेस को कभी मिलने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि जयपुर की स्थापना वास्तु से हुई है उनका ध्यान रखना हम सबकी जिम्मेदारी बनती है।
मालवीय नगर से भाजपा विधायक कालीचरण सराफ ने कहा कि अगर जयपुर के 2 जिले बन जाएंगे तो प्रशासनिक व्यवस्थाएं पूरी तरह से ध्वस्त हो जाएगी । उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर मैंने उस सीएम गहलोत को पत्र लिखा है और समय मांगा है। उन्होंने कहा कि पूरा शहर एक रहना चाहता है और इसको लेकर आम जनता आंदोलन भी कर रही है । उन्होंने कहा कि सरकार को समझना चाहिए इससे कोई फायदा नहीं है नुकसान होने वाला है।
भाजपा विधायक डॉ. अशोक लाहोटीने कहा कि गोविंद की नगरी, सांगा बाबा शीला माता, मोती डूंगरी गणेश मंदिर से चांदपोल हनुमान जी तक पूरे जयपुर की एक आत्मा है। उन्होंने कहा कि अभी जयपुर की इतनी अधिक जनसंख्या नहीं है कि उसे दो हिस्सों में बांटा जाए ।
आदर्श नगर के कांग्रेस विधायक रफीक खान ने भी कहा कि जयपुर राजधानी एक होनी चाहिए लेकिन प्रशासनिक जिले दो ही हो। उन्होंने कहा कि दिल्ली में 11 प्रशासनिक जिले हैं उसी तरह जयपुर के दो जिले सिर्फ प्रशासनिक किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि एसडीएम जयपुर के अंदर कई विधानसभा क्षेत्र आते हैं इसी तरह एसडीएम आमेर का इलाका भी बड़ा है और क्षेत्र को बांटने के लिए दो प्रशासनिक स्तर पर विकसित किया जाना संभव है।