


ग्रेटर नगर निगम उप महापौर पुनीत कर्णावट ने महंगाई राहत के शिविरों को चुनावी प्रोपोगंडा बताते हुए कहा है कि कांग्रेस सरकार की अगर सही मंशा होती तो बिना प्रोपोगंडा के भी अपनी इन चुनावी घोषणाओं को लागू कर सकती है।
सीएम गहलोत साढ़े चार साल तो अपनी सरकार बचाने में लगे रहे और अभी भी लोक लुभावन योजना के नाम पर महंगाई राहत शिविरों का प्रपंच रच रहे है। जबकि कांग्रेस शासित राजस्थान में ही देश का सबसे महंगा पेट्रोल-डीजल मिल रहा है। देश में सर्वाधिक महंगी बिजली भी राजस्थान में ही है।
उन्होंने कहा कि वास्तव में राजस्थान की जनता तो भ्रष्टाचार से राहत चाहती है, बजरी खनन माफियाओं से राहत चाहती है, अपराधियों और उनके आतंक से राहत की जरूरत महसूस करती है।
जयपुर नगर निगम के उपमहापौर कर्णावत ने कहा कि कांग्रेस सरकार के साढ़े चार साल के शासन में जिस प्रकार प्रत्येक विभाग में भ्रष्टाचार का नंगा नाच हुआ है। जिस प्रकार बजरी खनन माफियाओं ने आतंक मचाया हुआ है। महिलाओं और दलितों के प्रति बढ़ते अपराध तथा संगठित अपराधी गुटों से राजस्थान में जो भय का वातावरण बना है वो किसी से छिपा नहीं है।
जयपुर नगर निगम के उपमहापौर कर्णावत ने कहा कि अब तो भ्रष्टाचार और अपराधियों को राजनैतिक संरक्षण के चलते लोग कांग्रेस सरकार के मंत्रियों और विधायकों का नाम लेकर ऑडियो-विडियो जारी कर आत्महत्या कर रहे है। बेहतर हो कि अशोक गहलोत जी महंगाई राहत शिविर के नाम पर चुनावी प्रोपोगेंडा को छोड़े और बचे हुए शासन में भ्रष्टाचार, अपराध और माफियाओं से राहत प्रदान करवायें।