Saturday, 29 August 2026

राजस्व कर्मचारियों और अधिकारियों की हड़ताल, 24 अप्रैल से लगने वाले राहत शिविर की सफलता पर प्रश्न चिन्ह


राजस्व कर्मचारियों और अधिकारियों की हड़ताल, 24 अप्रैल से लगने वाले राहत शिविर की सफलता पर प्रश्न चिन्ह

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 24 अप्रैल से बजट राहत शिविर लगाने का ऐलान कर रखा है। वहीं दूसरी ओर राजस्व सेवा परिषद से जुड़े पटवारी, कानूनगो और तहसीलदार ने गुरुवार 20 अप्रैल को अवकाश पर  रहकर तहसील, उपखंड और जिला मुख्यालय पर धरना दिया। यह सिलसिला शुक्रवार 21 अप्रैल को भी जारी रहेगा। 

पटवार संघ के अध्यक्ष नरेंद्र कविया ने कहा कि सरकार ने अक्टूबर 2021 को आंदोलन के बाद जो समझौता किया था उनके शर्तें का क्रियान्वयन आज तक नहीं हुआ है । ऐसे में 24 अप्रैल से शुरू होने वाले राहत कैंपों में हिस्सा नहीं लिया जाएगा और बहिष्कार किया जाएगा। इस घोषणा के बाद निश्चित तौर पर सरकारी तौर पर की गई 24 अप्रैल से कैंप लगाने की प्रक्रिया को बड़ा झटका लग सकता है। ऐसे में कैंपकैसे सफल होंगे इस पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा होने लगा है !

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं की कार्यशाला आयोजित कर इन कैंपों को सफल बनाने का फैसला तो किया है लेकिन सरकारी अमला नहीं जुड़ा तो यह कैसे सफल होगा इस पर मंथन समय पर रहते हुए करने की जरूरत है। नहीं तो शुरुआती अगर ठीक नहीं दे तो फिर आगे भी यह कैंप कैसे सफल हो पाएंगे । यह बात सही है कि सरकारी कर्मचारी और अधिकारी कभी भी किसी भी सरकार के सगे नहीं रहते हैं जब उनके स्वार्थों की पूर्ति नहीं होती है तो वे आंदोलन का रूप धारण कर लेते हैं। यही बात मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को समझना चाहिए नहीं तो उनकी अच्छी खासी योजना भी फेल होने की संभावना अधिक बन जाती है।

सीएम गहलोत की बजट घोषणा 1 अप्रैल से प्रभावी ढंग से लागू हो जानी चाहिए लेकिन इस बार योजनाएं लागू होने का समय भी अलग अलग किया गया है। 24 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन का कार्य शुरू होगा और 1 जून से ₹ 500 में गैस का सिलेंडर देने की योजना शुरू करना है। अगर रजिस्ट्रेशन का काम नहीं शुरू होता है तो सिलेंडर का लाभ कैसे मिलेगा। 100 यूनिट बिजली का लाभ भी रजिस्ट्रेशन से ही मिलेगा ऐसे में जो रजिस्ट्रेशन कर आएगा उसे ही यह लाभ मिलेगा। कुल 10 तरह के लाभ निर्धारित किए गए हैं और यह लाभ पात्र व्यक्ति कोई मिल पाएंगे । इसका रजिस्ट्रेशन कैसे होगा अगर सरकारी कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर चले गए तो सारी योजना कागजों में  ही सीमित हो जाएगी।






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