


जयपुर में रामप्रसाद मीणा के आत्महत्या के मामले में सचिन पायलट के धरने पर बैठने और उनके परिवारों से मिलने के घटनाक्रम से नया मोड़ आ गया है। सचिन पायलट चांदी की टकसाल पहुंचकर मृतक रामप्रसाद मीणा के परिजनों मिलकर संवेदना व्यक्त की। धरना स्थल पर उनके साथ कांग्रेस विधायक वेद सोलंकी और जयपुर की पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल भी साथ रही।
सचिन पायलट ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि जब किसी की मृत्यु होती है तो दुःख सभी को होता है, आदिवासी समुदाय के व्यक्ति ने आत्महत्या की , यह हम सभी के लिए बड़े दुःख की बात है, हम मृतक के परिजनों से मिले हैं, हम यहां दुःख बाटने आए है, इस पूरी घटना की जांच होनी चाहिए। पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए, पुरे प्रकरण की पूरी ईमानदारी से निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
इस मामले में जलदाय मंत्री डॉ. महेश जोशी, होटल रॉयल से रिटर्न के मालिक मुंजी टाक, देवा अवस्थी, लालचंद देवनानी, गिरधारी जी मंदिर के देवेंद्र शर्मा, ललित शर्मा सहित अन्य लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। आत्महत्या करने से पहले रामप्रसाद ने बाकायदा वीडियो बनाकर इन लोगों को अपनी मौत को जिम्मेदार ठहराया है। 4 दिन से शव पड़ा हुआ है उसका अंतिम संस्कार नहीं हो पा रहा है।
शुरुआती दौर में भाजपा के सांसद डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने मोर्चा संभाला था । इसके बाद पूर्व डीजीपी और विधायक हरीश मीणा भी धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने इस मामले की जांच कराने की मांग की। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि इस मामले में उन्होंने कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। उन्हीं के आदेश के बाद होटल को जमींदोज कर दिया गया है।