Saturday, 29 August 2026

पायलट और गुढ़ा के बयानों की रिपोर्ट प्रभारी रंधावा को सौंपी, हाईकमान को भेजने पर हो रहा है विचार, गहलोत और डोटासरा से किया विचार-विमर्श


पायलट और गुढ़ा के बयानों की रिपोर्ट प्रभारी रंधावा को सौंपी, हाईकमान को भेजने पर हो रहा है विचार, गहलोत और डोटासरा से किया विचार-विमर्श

सचिन पायलट और होमगार्ड के राज्यमंत्री राजेंद्र गुढ़ा द्वारा झुंझुनू जिले के टीबा गांव में शहीद की मूर्ति के अनावरण अवसर पर दिए गए बयानों कांग्रेस की राजनीति में एक बार फिर से  उबाल आने की स्थिति बन गई है। इस बात को लेकर चर्चा जोरों  पर है कि प्रभारी सुखविंदर सिंह रंधावा इस बयानों को आधार बनाकर फिर से हाईकमान को शिकायत  करने की रणनीति तैयार की जा रही है । 

इस पूरे प्रकरण की एक विशेष रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी से तैयार कराई है। इस रिपोर्ट पर मंगलवार को वाररूम में प्रभारी रंधावा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से विस्तार से चर्चा की है। प्रभारी  रंधावा को पायलट और गुढ़ा बयानों के अखबार में छपी खबरों और वीडियो भी उपलब्ध कराए गए हैं। प्रभारी रंधावा इस बात को गंभीर मान रहे हैं और कह रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि होमगार्ड राज्यमंत्री गुढ़ा  ने अनावरण समारोह के दौरान आयोजित सभा में हाईकमान को खुली चुनौती देते हुए कहा था कि मैं दम है तो पायलट के खिलाफ कार्रवाई करके दिखाओ । हालांकि पायलट में उस बयान को होमगार्ड राज्यमंत्री गुढ़ा व्यक्तिगत टिप्पणी बताया और कहा कि उनकी भावना को मैं कैसे रोक सकता हूं । अब यह बात सामने आती है कि प्रभारी रंधावा इस रिपोर्ट को उसको देने और क्या कुछ होगा कुछ कह नहीं सकते। लेकिन यह बात सही है कि प्रभारी रंधावा कांग्रेस को एकजुट करने में सफल नहीं हो पा रहे। वह जिस प्रकार से विधायकों से रूबरू हो रहे हैं उस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर पार्टी की आंतरिक गतिविधियों की जानकारी के लिए उन्हें अकेले में बातचीत करनी चाहिए। इससे ना तो पार्टी की आंतरिक कलह और विभिन्न प्रकार की बातों की जानकारी नहीं मिल पाएगी। अगर सरकारी योजनाओं  के क्रियान्वयन के लिए यह आयोजन रखा है तो ठीक है। 

अब प्रभारी रंधावा जी को पूरे प्रदेश में जाकर हालात जानने की जरूरत है। स्वार्थी अधूरे संगठन को किस प्रकार से बनाया जाए इस पर मंथन करना भी बहुत जरूरी है नहीं तो सब काम अधूरा ही रह जाएगा अब यह बात हाईकमान को कौनसमझाइए कि राजस्थान को संभालो नहीं तो स्थिति और खराब होती चली जाएगी। जिसके परिणाम अच्छे नहीं रहेंगे।


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