


सचिन पायलट द्वारा पूर्व सीएम वसुंधरा राजे द्वारा भ्रष्टाचार के लगाए गए आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पहली बार अपनी बात रखी है और उन्होंने प्रभारी सुखविंदर सिंह रंधावा के माध्यम से आलाकमान को जवाब भेजा है और कहां है कि सचिन पायलट गुमराह कर रहे हैं।
सचिन पायलट का आरोप है कि वसुंधरा सरकार के समय 45000 करोड के स्थान घोटाले सहित भ्रष्टाचार के मामले में कोई कार्यवाही नहीं की गई है। सीएम गहलोत ने अपने जवाब में कहां है कि अनशन पर क्यों बैठे यह समझ से परे हैं उन्होंने कहा कि सरकार ने सभी मुद्दों पर कार्रवाई की है इस बात की जानकारी पायलट को नहीं है यही कारण है कि वह जनता को गुमराह करना चाह रहे हैं ।
सीएम गहलोत ने कहा कि डेढ़ साल तक पायलट उपमुख्यमंत्री रहे इस दौरान उन्होंने मुद्दे नहीं उठाए और 4 साल तक चुप रहे हैं।
खान आवंटन तो कांग्रेस के दबाव में भाजपा सरकार के दौरान रद्द किए गए थे। तब कई निर्धारकों की हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट चले गए थे। कोर्ट ने 20 फरवरी 2020 को आदेश दिए थे कि तीन वरिष्ठ अधिकारियों की समिति बनाकर समस्या की जाए। इस समिति ने भी आवंटन निरस्त करने की अनुशंसा की थी और लोकायुक्त जांच और सिफारिश के बाद 55 अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की गई थी और 91 की कार्रवाई की गई थी ।
वर्ष 2009 में पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के कामकाज की जांच के लिए माथुर आयोग बनाया था। हाईकोर्ट ने इस आयोग को बंद कर दिया था और सारे मामले लोकायुक्त को भेज दिए गए थे। वर्ष 2013 से 18 के कार्यकाल के दौरान मंत्रिमंडलीय उप समिति का गठन किया गया था और 6 माह के फैसलों की समीक्षा की गई थी।मंत्रिमंडलीय उप समिति ने सभी फैसले निरस्त कर दिए थे।