

पूर्व सीएम वसुन्धरा राजे ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एक कुर्सी नहीं छोड़ने की जिद पर है तो दूसरा कुर्सी पाने की ज़िद में। दोनो की ज़िद में राजस्थान पिस रहा है। इसलिए सब मिलकर कृष्ण की इस पवित्र भूमि पर संकल्प लें कि कंस रूपी गहलोत साकार को उखाड़ कर ही दम लेंगे।
पूर्व सीएम राजे ने कहां कि हमारी पिछली भाजपा सरकार ने 13 ज़िलों के लिए ईआरसीपी का काम शुरू किया,पर गहलोत की दृढ़ इच्छा शक्ति की कमी के कारण इन जिलों की लाइफ़ लाइन अटक गई। उन्होंने कहा कि सीएम गहलोत ने 2008 और 2018 में जोड़ तोड़ की सरकार बनाई जो आज भी अल्पमत में है।उनकी पार्टी के विधायक और उनके मंत्री उनके ख़िलाफ़ हैं।
पूर्व सीएम राजे ने कहां कि गहलोत सरकार ने ऊँचाइयाँ तो नापी है,लेकिन विकास में नहीं। महिला अत्याचार,दलित अत्याचार,भ्रष्टाचार,बैरोज़ग़ारी और साम्प्रदायिक उन्माद में।करौली के दंगों का खोफ आज भी है।
उदयपुर में कन्हैया की गला काट कर हत्या की।उदयपुर के लोपड़ा में एक आठ साल की आदिवासी बच्ची के साथ कुकर्म कर उसके 10 टुकड़े किए।
पूर्व सीएम राजे ने कहां कि जयपुर बम ब्लास्ट प्रकरण में जानबूझ कर सही पैरवी नहीं की, 80 लोगों की जान लेने वाले सभी आतंकी हाईकोर्ट से बरी हो गये।पीड़ित तो सुप्रीम कोर्ट चले गये लेकिन सरकार नहीं।
पूर्व सीएम राजे ने कहां कि अब समय आ गया हर मतदाता को बतायें कि एक तरफ़ मोदी जी की सरकार है,जो देश को उन्नति के मार्ग पर ले जा रही है और दूसरी तरफ़ राजस्थान में गहलोत सरकार है जो लोगों को खून के आंसू पिला रही है।