

भरतपुर जिले के नदबई कस्बे में महाराजा सूरजमल और डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा को लगाने को लेकर विवाद हो गया। बुधवार देर रात ग्रामीण सड़क पर उतर आए और आगजनी की पुलिस के पहुंचने के बाद उसे पथराव किया इससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
एसपी श्याम सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। पुलिस ने स्थिति को काबू करने के लिए आंसू गैस छोड़ी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है ।
संभागीय आयुक्त सांवर लाल वर्मा की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने तय किया था कि नंद बाई नगर पालिका क्षेत्र में तीन मूर्तियां लगा रखी है। कमेटी ने तय किया कि को नगर पालिका नदबई इलाके में 3 जगह मूर्तियां लगा रही है। संभागीय आयुक्त सांवरमल वर्मा की अध्यक्षता में कमेटी ने तय किया कि, कुम्हेर चौराहे पर महाराजा सूरजमल, बैलारा चौराहे पर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर और नगर चौराहे पर भगवान परशुराम की मूर्ति लगाई जाएगी। पर स्थानीय लोगों की मांग है कि नदबई का मुख्य चौराहा बैलारा है, ऐसे में महाराजा सूरजमल की प्रतिमा बैलारा चौराहे पर लगनी चाहिए। इसी मांग को लेकर लोगों ने धरना भी दिया।
पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने बयान दिया था कि आप जो चाहते हैं, वही होगा आप धरना खत्म कीजिए। इस बीच मंत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि बैलारा चौराहे पर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर और डेहरा मोड चौराहे पर महाराजा सूरजमल की मूर्ति लगाई जाए। बस इसी को लेकर विरोध शुरू हो गया है।
मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद एक लेटर जारी किया गया। इसमें डेहरा मोड पर महाराजा सूरजमल और बैलारा चौराहे पर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगाने की बात कही गई। जैसे ही यह लेटर और मंत्री का बयान गांव के लोगों तक पहुंचा तो नदबई में इसका विरोध शुरू हो गया।
लोग मांग करने लगे कि बैलारा चौराहे पर महाराजा सूरजमल की मूर्ति लगनी चाहिए। इसके बाद आसपास के गांव के लोग बैलारा चौराहे की तरफ बढ़ने लगे। प्रशासन को आशंका थी कि कहीं मूर्ति लगाने वाले गुम्बद को न तोड़ दिया जाए, इसलिए बैलारा चौराहे पर पुलिस तैनात कर दी।
हालात को देखते हुए पूरे इलाके में पुलिस फोर्स तैनात की गई थी, लेकिन रात 8 बजे बाद से हालात बिगड़ने शुरू हो गए। विरोध कर रहे ग्रामीणों ने पहले जाम लगा दिया और पेट्रोल डाल सड़कों पर आगजनी शुरू कर दी। लोगों ने नदबई की ओर जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया। पुलिस और मीडिया को भी बैलारा चौराहे की तरफ जाने से रोक दिया गया।
नदबई से पहले बूढ़ावरी गांव, नगला खटोटि गांव की मुख्य सड़कों पर भी आगजनी की गई। यहां भी जाम लगाने का प्रयास किया गया। पुलिस जिन-जिन रास्तों पर गश्त कर रही थी, लोग वहां पथराव करने लगे।