


अजमेर नगर निगम के डिप्टी मेयर नीरज जैन ने मुख्यमंत्री द्वारा बजट घोषणा 2022-23 में घोषित नये डेयरी बूथ आवंटन प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया है की अजमेर नगर निगम सीमा क्षेत्रों में 93 स्थानों का चयन करके डेयरी बूथ लाटरी प्रक्रिया से आवंटन किए जाने थे, परन्तु बाद में साक्षात्कार की प्रक्रिया शामिल कर ली गई, जिससे आम जन के मन में संपूर्ण प्रकिया पर संदेह पैदा हो रहा है।
जैन ने बताया की मामले को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा जिला कलक्टर अंशदीप को पत्र लिखकर आपत्ति जताई है, जैन ने कहा कि डेयरी बूथ के लिए स्थान पहले से ही चिन्हित है तो आमजन से आवेदन लेकर लॉटरी प्रक्रिया से बूथ आवंटन क्यों नहीं किए जा रहे हैं, साक्षात्कार ले कर आवंटन प्रक्रिया को प्रभावित किया जाने की संभावना है। डेयरी आवंटन का अधिकार नगर निगम और बोर्ड के पास होता है जिसमे लाइसेंस कमेटी और चुने हुए जनप्रतिनिधि होते है, जबकि सेक्शन 251 में आवंटन का अधिकार बोर्ड के पास होता होता है परंतु आवंटन समिति के गठन में निगम बोर्ड को दूर रखा गया है जो की बोर्ड के अधिकारों का गला दबाने के बराबर है, लोकतंत्र में सभी को अधिकार दिए गए है लेकिन राज्य सरकार तानाशाही रवैया अपनाने हुए है।
जैन ने बताया की मार्गाधिकार का हनन किया जा रहा है क्युकी वेडिंग जॉन में दी जानी चाहिए डेयरी बूथ जबकि नॉन वेंडिंग जॉन में चिन्हित की गई है, इसी प्रकार स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत एक तरफ तो सड़के चौड़ी की जा रही है तो दूसरी ओर नॉन वेंडिंग जॉन में डेयरी बूथ चिन्हित कर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के नियमो की धज्जियां उड़ाई जा रही है।
जैन ने बताया की वार्ड नं 66 में शास्त्री नगर पार्क के सामने स्थान चिन्हित किया गया है, उस के आस पास मात्र 100 मीटर के दायरे में पहले से ही डेयरी बूथ आवंटीत है।
नीरज जैन ने सीएम गहलोत से मांग को है कि डेयरी बूथ आवंटन प्रक्रिया में स्थान पुनः चिन्हित करवाकर साक्षात्कार की प्रक्रिया को हटाते हुए आमजन को लाटरी प्रक्रिया के माध्यम से डेयरी बूथ आवंटन किए जाए जिससे पारदर्शिता बनी रहे।