


झालरापाटन में तीन नाबालिगों ने 4 मार्च को स्कूल के हिंदी व्याख्याता शिवचरण सेन की हत्या कर दी।
हत्या के पीछे कारण है कि उसने लड़कों को स्कूल की एक छात्रा के साथ प्रेम प्रसंग करने से रोका और वे इसके बाद भी नहीं माने तो उन्होंने टीसी काटकर स्कूल से निकाल दिया था । यह बात उन नाबालिक छात्रों को पसंद नहीं आई। इसी बात से नाराज होकर उस नाबालिक लड़के ने अपने दो साथियों के साथ उसकी चाकू से गोदकर हत्या कर दी। नाबालिक में अपने सोशल मीडिया के मुख्य पेज पर शूटर 0009 का स्लोगन लगा रखा है।
एसपी ऋचा तोमर ने बताया कि गिरधरपुरा के सरकारी स्कूल में व्याख्याता शिव चरण सेन की 4 मार्च को स्कूल से घर के लौटते समय रास्ते पर बगदर खान के पास अज्ञात द्वारा धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर बाइक लूट ली गई थी। घटना के संबंध में मृतक व्याख्याता के बेटे कार्तिकेय सेन ने जिला अस्पताल में पुलिस को रिपोर्ट दी थी। घटना के खुलासे के लिए एएसपी चिरंजीलाल मीणा व सीओ बृजमोहन मीणा के सुपरविजन तथा एसएचओ महावीर सिंह के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया।
घटनास्थल पर डॉग स्क्वायड और एफएसएल टीम को बुलाया जाकर साक्ष्य संकलित किए गए। पुलिस टीमों ने शिक्षक के साथी अध्यापकों, ग्रामीणों से पूछताछ कर जानकारी जुटाई। संदिग्धों से पूछताछ कर महत्वपूर्ण इनपुट प्राप्त किए। टीम के करीब 100 पुलिस कर्मियों ने दिन -रात कड़ी मेहनत कर 10 किलोमीटर की परिधि में सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाल और हजारों मोबाइल नंबरों का एनालिसिस कर घटना का खुलासा करते हुए तीन नाबालिगों को निरुद्ध किया है।
घटना में प्रयुक्त हथियार और बाइक बरामद
मनोवैज्ञानिक तरीके से की गई पूछताछ में तीनों नाबालिगों ने हत्या की घटना करना कबूल किया है। इनकी निशानदेही पर लूटी गई बाइक और वारदात में प्रयुक्त चाकू, गुप्ती और हाथ का लोहे का पंच बरामद किया गया है।
छात्र को डांटना बना हत्या की वजह
पूछताछ में आरोपी नाबालिग ने पुलिस को बताया कि उसका विद्यालय में पढ़ने वाली एक छात्रा के साथ प्रेम प्रसंग था। इस बात की जानकारी उनके टीचर शिवचरण सेन को हुई तो उन्होंने विद्यालय की प्रार्थना सभा में खड़ा कर समस्त विद्यार्थियों के सामने डांटा-फटकारा और इस प्रकार की हरकतें नहीं करने की नसीहत देकर बेइज्जत किया। कुछ समय बाद उसकी टीसी काट दी।
बदला ओर क्राइम वर्ल्ड में वर्चस्व स्थापित करने की निर्मम हत्या
नाबालिग छात्र ने बताया कि तब से ही उसने बदला लेने की ठान ली थी। वह काफी समय से वारदात की फिराक में था। लेकिन शिक्षक हमेशा कार में अन्य अध्यापकों के साथ आते जाते थे। घटना के रोज अकेले बाइक से आता देख उसने अपने दोस्तों के साथ मिल रास्ते में रुकवाया और सीने में चाकू घोंप कर बाइक लेकर भाग गए।
नाबालिग ने आगे बताया कि उसे शिक्षक द्वारा की गई बेइज्जती का बदला लेकर सबक सिखाना था तथा अपराध की दुनिया में स्वयं का वर्चस्व स्थापित करने की वजह से उसने वारदात को अंजाम दिया था।
एसपी तोमर ने बताया कि इस कार्रवाई में थाना कोतवाली के हेड कांस्टेबल विश्वनाथ सिंह और थाना झालरापाटन के कॉन्स्टेबल जयप्रकाश की विशेष भूमिका रही है।