


आरएसएस प्रमुख मोहन भागवन ने कहा कि दुनियाभर में मिशनरी समाज के लोग अस्पताल, स्कूल चलने के साथ सेवा का काम कर रहे हैं। जब हमने देश घूमकर देखा संत समाज क्या कर रहा है तो हमें पता चला जो काम मिशनरी कर रहे है, संत उनसे अच्छा काम कर रहे हैं।
राष्ट्रीय सेवा भारती की ओर से शुक्रवार से जयपुर के जामडोली स्थित केशव विद्यापीठ में राष्ट्रीय सेवा संगम की शुरुआत के मौके पर भागवत ने कहा कि संघ की स्थापना से ही स्वयंसेवक सेवा कर रहे हैं। सेवा की मानसिकता सब में होती है, बस उसे जगाना पड़ता है। हम प्रयास कर रहे हैं कि सेवा के जरिए आज ही समाज स्वस्थ्य हो जाए। उन्होंने कहा कि इससे पहले हमें स्वस्थ्य होना पड़ेगा। हमारे समाज में यदि कोई पीछे है तो यह हमारे लिए अच्छी बात नहीं है। सबको समान और अपने जैसा मानकर ही समाज को आगे बढ़ा सकते हैं। कमजोर लोगों को ताकत देनी है।
उन्होंने कहा कि हमारे समाज में कई ऐसी घूमंतू लोग हैं, जिन्होंने देश की आजादी की लड़ाई लड़ी। वो झुके नहीं, स्वतंत्रता के लिए लड़ते रहे। वे कहीं न कहीं घूमते रहते हैं। उनके पास कोई वोटर आईडी, राशन कार्ड नहीं। विदेशी शासकों ने उन्हें अपराधी घोषित कर दिया। संघ की उन पर नजर पड़ी तो वहां भी सेवा करना शुरू कर दिया।'
पीरामल ने उद्धाटन सत्र में कहा कि आज का दिन मेरे लिए खास है क्योंकि मैं आप सभी के बीच में हूं। स्वयंसेवकों ने निस्वार्थ भावना से देश के लिए जीवन दिया है। कोरोना के दौरान आरएसएस कार्यकर्ताओं ने काफी अच्छा काम किया था।
पीरामल ने कहा कि जब मैं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने गया था। उन्होंने मुझे कहा मेरी उम्र 62 साल है। फिर भी मैं अपने क्षेत्र की सबसे उम्रदराज महिला हूं। क्योंकि आदिवासियों की औसत उम्र आम लोगों से 12 साल कम होती है। यह सुन के मुझे काफी दुख हुआ।
उन्होंने कहा कि उसके बाद पीरामल फाउंडेशन की ओर से देशभर में 100 स्थानों पर आदिवासियों की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए काम शुरू किया गया है। उन्हें भी आम लोगों की तरह जीवन यापन करने और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।
संगम में संघ के सहकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के साथ देशभर के 3 हजार से ज्यादा स्वैच्छिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद हैं। वहीं, 3 दिन तक चलने वाले इस सेवा संगम से पहले गुरुवार को सेवा संगम से जुड़े कामकाज की प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया गया।
इस कार्यक्रम में सुभाष चंद्र ,भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी, पूर्व अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया और डॉ. अरुण चतुर्वेदी, भाजपा विधायक अशोक लाहोटी, कालीचरण सराफ मौजूद रहे।