


सहारा कोऑपरेटिव सोसायटी के खिलाफ एसओजी ने बड़े पैमाने पर निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया है। एसओजी ने लगभग 5.9 अरब की राशि के गबन का मामला विभिन्न निवेशकों के माध्यम से दर्ज किए गए हैं।
एसओजी के एसपी द्वितीय विकास सांगवान ने बताया कि सहारा कोऑपरेटिव सोसायटी के दर्ज मामलों की जांच शुरू की गई है। प्राथमिकी के आधार पर 33 जनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज हुआ है उनके निवास की स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
एसओजी का कहना है कि सहारा इंडिया के चेयरमैन सुब्रत राय सहारा और उनकी पत्नी का नाम नहीं है। कोऑपरेटिव सोसाइटी में जितने संचालक मंडल के सदस्य डायरेक्टर बना रखे हैं उनके पदों की जानकारी नहीं होने के कारण प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। लेकिन अब संजीवनी को ऑपरेटिव सोसाइटी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही को देखते हुए सहारा कोऑपरेटिव सोसाइटी के खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई का मानस एसओजी ने बना लिया है। अभी तक सहारा इंडिया कोऑपरेटिव सोसायटी कोई भुगतान नहीं किया है। वर्ष 2012 से ही भुगतान नहीं हो पा रहा है निवेशक भुगतान के लिए कारणों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें भुगतान नहीं किया जा रहा है और यह कहा जा रहा है कि चेयरमैन जेल में है जबकि वह जमानत पर चल रहे हैं।
वर्ष 2011-12 से 2020-21 तक के संचालक मंडल के सदस्य व पदाधिकारी देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव, समरथ निओगी, करुणेश अवस्थी, नीरज कुमार पाल, प्रशांत कुमार वर्मा, अनिल कुमार श्रीवास्तव, प्रलय कुमार पलीत, आरएल पटेल, गोविंद तिवाड़ी, लक्ष्मीकांत बनसी, पुष्कर वर्मा, शांतनु मुखर्जी, अरूप कुमार भट्टाचार्य, अनिल वर्मा, विनोद भगत, शरत कृष्ण चवन, सुधीर कुमार श्रीवास्तव, लालजी वर्मा, अवधेश कुमार श्रीवास्तव, बच्चा झा, बीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, गजेंद्र नाथ शर्मा, हफीज उल्ला, मीनाक्षी महेंद्र, सुनील चंद्र श्रीवास्तव, संजय अरोड़ा, हफीजुल्लाह हुकुम दार शेख, अंजु लता, पूजा शर्मा, आर रमा कोटेश्वर राव, संजय कुमार रजक, विजय कुमार वर्मा, हरीश चन्द्र यादव के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं।