


जैन मुनि सुश्रुत सागर महाराज ने कहा हैं कि भगवान महावीर स्वामी के सिद्धांतो से ही विश्व कल्याण सम्भव है।उन्होंने कहा कि महावीर स्वामी के सिद्धान्तों को जीवन में अपनाएं साथ ही सत्य और अहिंसा का मार्ग अपनाना चाहिए ।
मुनि सुश्रुत सागर महाराज ने सोमवार को महावीर जयंती को पटेल सर्किल के समीप जैन जिनालय में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि बढ़ रहे अत्याचार व हिंसा को रोकने के लिए आज महावीर स्वामी की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई सच्चे अर्थों में महावीर स्वामी के आदर्शों व शिक्षा को अपनाले तो वह भी महावीर स्वामी से कम नही है।उन्होंने पाश्चात्य संस्कृति को छोड़ भारतीय संस्कृति को अपनाने की अपील की ।
मुनि श्री ने कहा कि आज जरूरत है कि प्रत्येक व्यक्ति में महावीर स्वामी के धर्म को जागृत करने की। महाराज श्री ने कहा कि धर्म से जीव का कल्याण होता है धर्म सदमार्ग दिखाता है।उन्होंने कहा कि बिना त्याग के कोई आगे नही बढ़ता है।धन सम्पति यही छूटने वाली है सम्पत्ति के कारण भाईचारे को खत्म नही किया जाए।
उन्होंने कहा कि मनुध्य जीवन आत्मकल्याण के लिए मिला है,संस्कृति को जीवित रखने के लिए बच्चों को मन्दिर जरूर लेकर जाए अपनी संस्कृति का ज्ञान करावे।बच्चों के हाथ में मोबाइल की जगह अभिषेक का कलश देना चाहिए ।महिलाओं के हाथ मे मेकअप के किट की जगह अष्टद्रव्य की थाली देना चाहिए, पुरुषों को जिनवाणी का सार करना चाहिए।
सोमवार को सत्यअहिंसा , शांति के अग्रदूत वर्तमान शासन नायक भगवान महावीर स्वामी का 2622 वा जन्मोत्सव आचार्य सुनील सागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य सुश्रुत सागर महाराज के ससंघ सानिध्य में हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया।
समाज के प्रवक्ता पवन कंटान व कमल सर्राफ ने बताया भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक पर श्री दिगंबर जैन नसिया में प्रातःकाल श्रद्धालुओं ने अभिषेक एवं शांति धारा की क्रियाएं संपन्न की तत्पश्चात श्री दिगंबर जैन नसिया से भव्यशोभायात्रा निकाली गई जो शोभायात्रा घंटाघर पर हाउसिंग बोर्ड एवं पुरानी टोंक की शोभा यात्रा के साथ संगम हुआ। इस शोभायात्रा में भगवान महावीर स्वामी के जयकारे "अहिंसा परमो धर्म","त्रिशला नंदन वीर की जय बोलो महावीर की" सत्यअहिंसा प्यारा है यही हमारा नारा है" के जयकारो से गुंजानमय हुआ। इसके साथ ही छोटे-छोटे बच्चे द्वारा मनमोहक झांकियां साथ में चल रही थी । अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन आरजे 26ग्रुप, श्री शांतिधारा परिवार बड़ातख्ता, अखिलभारतीय वैश्य महासम्मेलन, काफला जैन समाज एवं अनेक संस्थाओं द्वारा पुष्प वर्षा की गई ।यह शोभायात्रा अहिंसा सर्किल के पास महावीर जिनालय में विसर्जन हुई। जहां कीर्ति स्तंभ पर टोंक जिला प्रमुख सरोज नरेश बंसल एवं पूर्व सभापति लक्ष्मी देवी जैन एवं महिला मंडल द्वारा माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित किया किया गया। श्री जी के अभिषेक के पश्चात मुनि सुश्रुत सागर महाराज ने मंगल उपदेश दिया।
कार्यक्रम में समाज के पदमचंद आड़रा, धर्मेंद्र जैन, श्यामलाल जैन, धर्मचंद दाखिया, विकास अतार अनिल सर्राफ, राजेश अरिहंत जैन ,सोशल ग्रुप के सदस्य आदि लोग उपस्थित थे। दोपहर में आचार्य सुनील सागर महाराज के संयम दिवस पर विधान एवं पूजन किया गया। सायंकाल की बेला में आरती, प्रश्नमंच, स्वाध्याय, शास्त्रज्ञान एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।