


टोंक जिले के मालपुरा को जिला बनाने की मांग को अनशन पर बैठे युवकों के पास शनिवार को दोपहर टोंक-सवाईमाधोपुर सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया को विरोध का सामना करना पड़ा।इतना ही भी सांसद जौनापुरिया के खिलाफ नारेबाजी भी की गई तथा गो बैक -गो बैक के नारे लगे। पुलिस को इतला मिली तो पुलिस ने वहां पहुंच करके सांसद को गुस्साएं लोगो के बीच से बाहर निकाला।
इतना ही नही इससे पूर्व कांग्रेस के पूर्व विधायक सुरेंद्र व्यास भी वहां पहुंचे थे जिन्होने अनशनकारियों से अपना आमरण अनशन खत्म करने की अपील की लेकिन उनको भी बैरंग लौटना पड़ा।
राज्य की कांग्रेस शासित सरकार के मुख्यमन्त्री अशोक गहलोत ने पिछले महीने बजट में राज्य में 19 ने जिले घोषित किए जाने के बाद से ही मालपुरा में मालपुरा को नया जिला बनाने की मुहिम शुरू हुई। अब इस मुहिम ने एक आंदोलन का रूप ले लिया है।वही कांग्रेस व भाजपा इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देते हुए आरोप प्रत्यारोप में लगी है।
वही दूसरी तरफ मालपुरा को जिला बनाने की मांग को लेकर 21 मार्च से तीन युवकों ने मालपुरा में आमरण अनशन शुरू किया था।अनशनकारी युवाओं के समर्थन में मालपुरा क्षेत्र के पूर्व निर्दलीय विधायक रणवीर पहलवान भी चार दिन से अनशन में बैठे हुए है। सभी अनशनकारी युवकों की लगातार तबियत बिगड़ रही है,दो अनशनकारी युवकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मालपुरा में भर्ती किया गया था लेकिन डिस्चार्ज होने के बाद दोनों अनशनकारियों ने वापिस अनशन शुरू किया है।शनिवार को अनशन का 12 वां दिन है । टोंक- सवाई माधोपुर के भाजपा सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया वहां पहुंचे तो वहां मौजूद भीड़ ने गो बेक -गो बेक, सांसद हाय हाय के नारे लगाने शुरू कर दिए ।गुस्साएं लोगो ने कहा कि राजनेता यहां राजनीति करने आ रहे हैं जिला बनाने के लिए न तो भाजपा के स्थानीय विधायक कन्हैया लाल चौधरी ने न ही किसी राजनेता ने कोई प्रयास नही किया। इतना ही लोगो ने सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया को जम करके आड़े हाथो लेते हुए ड्ज साल में मालपुरा की उपेक्षा किए जाने तक के आरोप जड़े।इस मामले में सांसद ने अपनी सफाई देने की कोशिश की लेकिन गुस्साई भीड़ ने एक नही सुनी।
मालपुरा को जिला बनाने की मांग को लेकर मालपुरा जिला बनाओ कोर कमेटी का गठन किया हुआ है। जिसकी ओर से दो दिन संपूर्ण मालपुरा बंद, एक दिन लावा व लांबाहरिसिंह कस्बे को बंद रखा गया। 2 अप्रैल से समाज वाईज क्रमिक अनशन किया जा रहा है ।अपनी मांग को अब जनांदोलन बनाने की दृष्टि से 9 अप्रैल को मालपुरा में महापंचायत की घोषणा की गई है।