


बिजली विभाग से रिटायर हुए भवानी मंडी निवासी एक वृद्ध पेंशनर के साथ हुए ₹ 5.56 लाख के फाइनेंसियल फ्रॉड के मामले का साइबर थाना पुलिस ने खुलासा कर दिया है।
पुलिस ने पीड़ित के सगे भतीजे मनोज शर्मा (23) निवासी भैंसोदा मंडी थाना भानपुरा जिला मंदसौर मध्य प्रदेश को गिरफ्तार कर फ्रॉड राशि ट्रांसफर होने वाली सवा दर्जन से अधिक खाते सीज करा दिए हैं। इस फ्रॉड में शामिल इसके एक साथी की तलाश की जा रही है। आरोपियों ने वृद्ध के मोबाइल सिम का दुरुपयोग कर रकम ट्रांसफर कराई थी।
एसपी ऋचा तोमर ने बताया कि भवानीमण्डी निवासी एक वृद्धा ने 18 मार्च को साईबर थाना झालावाड पर रिपोर्ट पेश की थी कि उसका पति शिवनारायण शर्मा विद्युत विभाग से रिटायर हुए थे। जिनकी पेंशन का पैसा स्टेट बैंक मे जमा होता था। 6 फरवरी को उनकी मौत हो जाने के उपरान्त पडौसी को पैसे निकलवाने एटीएम भेजा तो बैंक खाते में महज ₹ 14 हजार ही थे। बैंक अथॉरिटी ने सितम्बर से जनवरी के बीच ₹ 5.56 लाख विभिन्न यूपीआई ट्रांजेक्शन से ट्रांसफर होना बताया जबकि उन्होंने कभी नेट बैंकिंग का उपयोग नही किया।
रिपोर्ट पर अज्ञात के विरुद्ध ऑनलाइन फाइनेंसियल फ्रॉड का मुकदमा साईबर पुलिस थाना पर दर्ज किया गया। प्रकरण को गंभीरता से लेकर एसपी ऋचा तोमर ने स्वयं के निर्देशन में एएसपी चिरंजी लाल मीना के सुपरविजन व डीएसपी साईबर अपराध ओमप्रकाश चांदोलिया के नेतृत्व में साईबर थाना की टीम गठित की गई।
टीम ने बैंकों एवं यूपीआई गेटवे फोनपे से रेकार्ड प्राप्त किया। तकनीकी अनुसंधान व विश्लेषण से अवैध ट्रांजेक्शन भतीजे मनोज शर्मा के द्वारा अपने किसी साथी के सहयोग से किया जाना पाया गया। इस पर टीम ने को भवानीमण्डी से राउण्ड अप कर पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन जबी किया गया है।
सिम का दुरुपयोग कर किया था फ्रॉड
लकवे से पीड़ित शिवनारायण की-पेड मोबाईल रखता था। आरोपी भतीजे मनोज शर्मा ने बीमारी का नाजायज फायदा उठाकर उनके मोबाईल से सिम निकाल ली और खुद के स्मार्ट फोन में सिम का उपयोग कर यूपीआई एप्लीकेशन "फोन पे" डाउनलोड कर ली। उससे पैसे ट्रांसफर कर वापस सिम को उसी मोबाईल में डालकर दे देता। आरोपी ने तीन चार महीने तक इसी प्रकार विभिन्न बैंक खातों में ₹ 05.56 लाख ट्रांसफर कर दिये।