Saturday, 29 August 2026

राइट टू हेल्थ का विरोध करने पर राज्य सरकार सख्त, सरकारी डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार पर अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के आदेश


राइट टू हेल्थ का विरोध करने पर राज्य सरकार सख्त, सरकारी डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार पर अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के आदेश
सरकारी हॉस्पिटलों में आंदोलन कर रहे रेजिडेंट्स डॉक्टरों पर सरकार अब एक्शन लेने की तैयारी में जुट गई है।

मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट ने आज एक ऑर्डर जारी करते हुए प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को उनके कॉलेज में पढ़ रहे ऐसे रेजिडेंट्स डॉक्टर्स का रजिस्ट्रेशन रद्द करने के लिए कहा है, जो आंदोलन के दौरान मरीजों के परिजन से दुर्व्यवहार कर रहे हों, राजकीय सम्पत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हों और अपने कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही बरत रहे हों।


डिपार्टमेंट ने सभी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाने वाले मेडिकल टीचर, उनसे अटैच हॉस्पिटलों में लगे डॉक्टर्स, रेजिडेंट्स, पेरामेडिकल स्टाफ और नर्सिंग स्टाफ की अटेंडेंस (उपस्थिति) सुबह 9:30 बजे तक भिजवाने के लिए कहा है। - इन सभी डॉक्टर्स और स्टाफ की छुट्‌टी भी प्रिंसिपल या हॉस्पिटल सुप्रीटेंडेंट्स ही अप्रूड करेंगे। ये छुटि्टयां केवल विशेष परिस्थितियों में भी अप्रूव करेंगे। इसकी सूचना भी मुख्यालय (मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट) भिजवानी होगी।


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