


जयपुर जिले के जमवारामगढ़ के रायसर इलाके के ताला गांव में रैली निकलने के दौरान कुछ उपद्रवियों हिंदू रणभेरी बाइक रैली पर उपद्रवियों ने जमकर पथराव कर दिया। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान हालात तनावपूर्ण बन गए। रैली की सुरक्षा में तैनात पुलिस भी तत्काल कुछ नहीं कर पाई। बाद में बड़ी संख्या में फोर्स बुलवाकर उपद्रवियों को खदेड़ा गया। पुलिस ने 12 से ज्यादा युवकों को गिरफ्तार है।
जयपुर ग्रामीण एसपी डॉ. राजीव पचार ने बताया कि हिंदू नववर्ष के उपलक्ष्य में जमवारामगढ़ के रायसर इलाके के ताला गांव में रैली निकलने के दौरान कुछ उपद्रवियों ने पथराव किया। इलाके में अतिरिक्त फोर्स की तैनाती की गई है। फिलहाल मौके पर शांति है।
उन्होंने बताया किहिंदू रणभेरी बाइक रैली रविवार सुबह करीब सवा 10 बजे खेल मैदान चंदवाजी से शुरू हुई। इसके बाद यह रैली चंदवाजी, पीलवा, चांदावास, ताला गांव, राजपुरा, बाच्यावास, श्यामपुरा, ताला जोहड़ा, दंताला गुजरान, दंताला मीणा, बिलोद, टोड़ा होते हुए टोडेश्वार महादेव मंदिर में खत्म होती। रैली रोशन लाल के नेतृत्व में निकाली जा रही थी। दोपहर करीब 3 बजे रायसर थाना इलाके के ताला जोहड़ा के पास कुछ उपद्रवियों ने पथराव कर दिया। रैली में मौजूद साधूराम जाट की ओर से रायसर थाने में मामला दर्ज करवाया है।
जयपुर ग्रामीण के भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता राज्यवर्धन सिंह राठौर ने घटना के बारे में ट्वीट करते हुए लिखा कि कांग्रेस शासन में पीएफआई आतंकी मानसिकता फली-फूली है। यह सरकार हिंदू समुदाय के आयोजनों पर पथराव, हिंसा करने वालों पर नरमी भी दिखाती है। ये घटनाएं इसी तुष्टिकरण का नतीजा हैं।
एसपी ग्रामीण प्रचार ने बताया कि पथराव के दौरान रैली का अधिकांश हिस्सा आगे निकल चुका था। अंत में बचे कुछ लोगों पर पत्थर फेंके गए। घटना के बाद रैली आगे निकल गई। हर साल हिंदू नववर्ष के मौके पर निकाली जाने वाली रैली को हिंदू रणभेरी रैली कहा जाता है।.
रैली में कुल एक हजार मोटर साइकिल थी। इस दौरान सुरक्षा को देखते हुए पुलिस के जवान जगह-जगह पर खड़े थे। करीब 50 पुलिसकर्मी रैली के दौरान मौजूद थे।
घटना के वक्त मौके पर मौजूद विकास का आरोप है कि उपद्रवियों ने जानबूझ कर पथराव किया। पुलिस और रैली में मौजूद लोगों ने इन्हें रोकने का प्रयास किया तो उग्र हो गए। हालांकि रैली में मौजूद युवकों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं की। रैली शांति से पुलिस की निगरानी में निकल रही थी।