Saturday, 29 August 2026

नेटथिएट पर ढूंढाडी लोक गीतों ने समां बांधा,टूटे बाजूबंद री लूम लड़ उळझी उळझी जाए


नेटथिएट पर ढूंढाडी लोक गीतों ने समां बांधा,टूटे बाजूबंद री लूम लड़ उळझी उळझी जाए

नेट थिएट कार्यक्रमों की श्रृंखला में आज युवा लोक गायक मनीष अग्रवाल ने अपनी पुर कशिश आवाज में ढूंढाडी लोकगीतों को गाकर ऐसा समा बांधा कि दर्शक वाह वाह कर उठे।

नेटथिएट के राजेंद्र शर्मा राजू ने बताया कि गायक मनीष ने कार्यक्रम की शुरुआत में दळ बादळी रे पानी सैया कुण तो भरे गाकर माहौल को खुशनुमा बना दिया l इसके बाद उडियो रे उडियो डोडो डोडो जाये, सावण आदि सुप्रसिद्ध लोकगीतों से राजस्थानी संस्कृति को रूबरू करवाया। कार्यक्रम का संचालन सुप्रसिद्ध उद्घोषक आर डी अग्रवाल ने किया। 

कार्यक्रम में शाहिद हुसैन ने तबले पर अपनी उंगलियो का जादू बिखेरा साथ आर्यन शर्मा ने सिंथेसाइजर पर सधी हुयी संगत की। कार्यक्रम में लाइट मनोज स्वामी तथा संगीत तपेश शर्मा मंच सज्जा अंकित शर्मा नानू का रहा।


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