Saturday, 29 August 2026

संजीवनी घोटाले में सीएम गहलोत के खिलाफ मानहानि याचिका पर सुनवाई पूरी, समन जारी करने के मामले में फैसला सुरक्षित, 24 मार्च को होगा निर्णय


संजीवनी घोटाले में सीएम गहलोत के खिलाफ मानहानि  याचिका पर सुनवाई पूरी, समन जारी करने के मामले में फैसला सुरक्षित, 24 मार्च को होगा निर्णय

संजीवनी घोटाले में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की तरफ से दायर मानहानि मामले में  सीएम अशोक गहलोत के खिलाफ समन जारी करने पर दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है। सीएम गहलोत को समन जारी करने के आदेश पर अब 24 मार्च को फैसला आ सकता है।

संजीवनी घोटाले को लेकर सीएम गहलोत के बयान को मानहानि बताते हुए केंद्रीय जल शक्ति मंत्री शेखावत ने पिछले दिनों राउज एवेन्यू कोर्ट में याचिका दायर  की थी । मानहानि मामले की शुरुआती सुनवाई के बाद अब समन जारी होने हैं। इसमें  स्वयं सीएम गहलोत के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की गई है। समन जारी होने के बाद ही इस मामले में आगे का एक्शन तय होगा। 

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की ओर से कोर्ट में सीनियर एडवोकेट विकास पाहवा पेश हुए। ​विकास पाहवा ने तर्क दिया कि 2019 में दर्ज एफआईआर के मामले में सीएम गहलोत ने बेबुनियाद आरोप लगाए। पूरे परिवार को अभियुक्त बताया गया ,इस वजह से मानहानि हुई है। प्रतिष्ठा को भारी नुकसान पहुंचाया है, इसलिए गहलाते के खिलाफ मानहानि का केस चलना चाहिए। एडीशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट हरप्रीत सिंह ने मामले में प्री समन जमा करने और सबूतों को दर्ज करने के बाद 24 मार्च को समन जारी करने पर आदेश के लिए मामले को लिस्टेड किया है। अब 24 को समन जारी होने पर फैसला हो सकता है।

गहलोत ने दो दिन पहले जोधपुर दौरे के दौरान भी संजीवनी घोटाले पर गजेंद्र सिंह पर आरोप लगाए थे। जोधपुर में गहलोत ने कहा था कि इस सोसाइटी में सबकुछ गजेंद्र सिंह शेखावत की चलती है, वही सबकुछ हैं। संजीवनी में इनके, इनके परिवार के लेनदेन हुए हैं। 'मेरे खिलाफ उन्होंने मानहानि का केस कर दिया। मैं तो तैयार हूं भुगतने के लिए। क्यों कि लाखों लोगों को अगर पैसा वापस मिलता है तो मुझे क्या फर्क पड़ेगा। सजा भुगतने से लाखों लोगों का भला होता है तो कोई फर्क नहीं पड़ता।'




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