


राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को मंत्री शांति धारीवाल ने गुरू घंटाल की अपने लहजे में व्याख्या की। इस चर्चा के चलते सदन में कई बार ठहाके भी गूंजे। बाद में सभापति ने इसे सदन की कार्रवाई से हटा दिया। लेकिन तब तक इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। धारीवाल ने कहा:- आपने मेरे लिए कहा कि तुम मेरे गुरू घंटाल हो। धारीवाल ने कहा: मैं डिक्शनरी देख कर आया हूं। जिसमें लिखा है गुरू तो गुरू ही रहेगा और घंटाल पर कहना चाहूंगा कि: कोटा में रीवर फ्रंट बन रहा है। उसमें एक घंटा बगाया जा रहा है। जो कि 35 फीट उंचा है। वह जब बजेगा तो उसकी आवाज आठ मील तक जाएगी। अर्थात् घंटाल का मतलब है मेरी आवाज को आपको सुनना पड़ेगा।
इस पर राठौड़ ने जवाब देते हुए कहा कि इन्होंने स्वीकार कर लिया है कि मैं घंटाल हूं। अब मैं इन्हें शांति घंटाल कह दूं तो किसी को कोई एतराज नहीं होगा। इस पर धारीवाल ने कहा पर आगे गुरू लगाना पड़ेगा। इस पर सदन में सभी के चेहरों पर मुस्कान आ गई। बाद में सभापति ने सदन की कार्रवाई से यह हटवा दिया, लेकिन तब तक इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।