Saturday, 29 August 2026

राजस्थान आईटी डे- संवेदनशील, पारदर्शी और जवाबदेह सुशासन देने में आईटी की भूमिका अहम: गहलोत


राजस्थान आईटी डे- संवेदनशील, पारदर्शी और जवाबदेह सुशासन देने में आईटी की भूमिका अहम: गहलोत

मुख्यमंत्रीअशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार आमजन को संवेदनशील, पारदर्शी एवं जवाबदेह सुशासन देने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। इसमें सूचना प्रौद्योगिकी की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी ने आईटी के माध्यम से देश को 21वीं सदी से जोड़ने का स्वप्न देखा था। आज राज्य सरकार द्वारा आईटी के बजट में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है तथा सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से करोड़ों प्रदेशवासियों को जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर लाभान्वित किया जा रहा है। 

सीएम गहलोत सोमवार को आईटी डे के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों से प्रदेश आज आईटी के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है।  उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी योजनाओं को आईटी आधारित बनाने की संकल्पना को आगे बढ़ा रही है। आईटी दिवस पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों से देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए नई पीढ़ी तैयार हो रही है। आईटी के प्रयोग से राज्य सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन एवं अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। 



हैकॉथान में 60 से अधिक देशों के 1 लाख प्रतिभागी:

हैकॉथान में 60 से अधिक देशों के 1 लाख प्रतिभागियों ने हिस्सा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने हैकॉथान में भाग लेने वाले प्रतिभागियों से संवाद कर उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने प्रतिभागियों के प्रोजेक्ट और भविष्य की संभावनाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हैकॉथान के नवाचार गुड गवर्नेंस में मददगार साबित होंगे। इसमें आने वाले सर्वश्रेष्ठ तीन प्रोजेक्ट्स को राज्य सरकार द्वारा उपयोग में लिया जाएगा तथा 50 लाख रुपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। 

राजीव गांधी नॉलेज सर्विस एंड इनोवेशन हब का शिलान्यास:

इस दौरान मुख्यमंत्री ने 200 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होने वाले राजीव गांधी नॉलेज सर्विस एंड इनोवेशन हब, जोधपुर का वीसी के माध्यम से शिलान्यास किया। यह संस्थान स्टार्टअप्स और सर्विस प्रोफेशनल्स को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ नवोन्मेषी विचारों को धरातल पर उतारने के लिए आधारभूत ढांचा प्रदान करेगा। 

मुख्यमंत्री आश्रित सेवा योजना का शुभारंभ:

सीएम गहलोत ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री आश्रित सेवा योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत राज्य सरकार आवागमन में असमर्थ लाभार्थियों को चिन्हित कर उनसे संपर्क करेगी। चिन्हित व्यक्तियों के पास सेवा प्रदायक को भेजकर सरकारी सेवाओं का लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री आश्रित सेवा के प्रथम चरण में दिव्यांगजन, वृद्धजन, एकल नारी, विधवा महिलाएं, पालनहार को मुख्यमंत्री आश्रित सेवा योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा। इन लोगों को जनकल्याणकारी योजनाओं से घर बैठे जोड़ा जा सकेगा। 

जन आधार ई-वॉलेट किया लॉन्च:

सीएम गहलोत ने इस अवसर पर जन आधार ई-वॉलेट लॉन्च किया। इसके माध्यम से राज्य सरकार द्वारा लाभार्थियों को दिए जा रहे नकद राशि तथा गैर-नकद राशि के वाउचर्स मिल सकेंगे। इस अवसर पर सीएम गहलोत ने राजस्थान डिजिटल यात्रा रिपोर्ट का विमोचन भी किया। 

केन्द्र सरकार कानून बनाकर दे सामाजिक सुरक्षा: 

सीएम गहलोत ने कहा कि देश में पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा कानून बनाकर खाद्य सुरक्षा, सूचना एवं शिक्षा के अधिकार दिए गए। राज्य में सबसे पहले आरटीआई एक्ट लागू हुआ। राज्य सरकार ने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू की है। इससे उनमें अपने भविष्य के प्रति सुरक्षा की भावना आई है। आज केन्द्र सरकार को कानून बनाकर आमजन को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए। कई लोकतांत्रिक देशों में कमजोर तबकों को कानून बनाकर सामाजिक सुरक्षा दी जा रही है। 

इस दौरान आईटी नवाचारों के माध्यम से विभिन्न प्रशासनिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले राज्य के अधिकारियों को मुख्यमंत्री द्वारा ई-गवर्नेंस राजस्थान अवार्ड से सम्मानित किया गया। श्रीगंगानगर कलक्टर श्रीमती रूक्मिणि रियार सिहाग, चित्तौडगढ़ कलक्टर श्री अरविंद कुमार पोसवाल, बीकानेर पुलिस अधीक्षक श्रीमती तेजस्विनी गौतम, आरजीएचएस परियोजना निदेशक श्रीमती शिप्रा विक्रम तथा जयपुर जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी जसमीत सिंह संधू को ए-वन एवं ए-टू श्रेणियों में ई-गवर्नेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया। साथ ही, 20 अधिकारियों-कर्मचारियों को बी-वन एवं बी-टू श्रेणियों में ई-गवर्नेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया। श्री गहलोत ने निजी क्षेत्र में सूचना प्रौद्योगिकी में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्टार्ट-अप्स एवं उद्यमियों को राजीव गांधी इनोवेशन चैलेंज सम्मान प्रदान किया। इन पुरस्कार विजेताओं को 6.10 करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि दी गई। इनमें अजेयता शाह, निखिल बाहेती, शिवराम चौधरी, अनुज आहूजा एवं टीकमचंद जैन को प्रथम पुरस्कार मिला। पूरनसिंह राजपूत को द्वितीय, हिमीश अग्रवाल, ध्रुव दत्ता, प्राची गौड, सारिका गुप्ता एवं अयाज को तृतीय पुरस्कार मिला। साथ ही, मुख्यमंत्री ने जॉब फेयर में उत्कृष्ट पैकेज प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को ऑफर लैटर प्रदान किए। इनमें राकेश सागर, टी पवन कुमार, सुमित पहाड़ी, निखिल एवं जेठाराम भाटी ने विभिन्न कंपनियों से क्रमशः 33 लाख, 30 लाख, 18 लाख, 9 लाख एवं 5 लाख रुपए के वार्षिक पैकेज प्राप्त किए। जॉब फेयर में अब तक लगभग 3600 युवाओं को रोजगार मिल चुका है।

इस दौरान मुख्य सचिव श्रीमती उषा शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अधिक से अधिक योजनाओं को आईटी से जोड़ा गया है। आईटी दिवस जैसे आयोजनों से प्रदेश के युवा और अधिक सक्षम होकर प्रदेश के विकास में योगदान दे सकेंगे। अतिरिक्त मुख्य सचिव सूचना प्रौद्योगिकीअखिल अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने इस वर्ष का बजट युवाओं को समर्पित किया है। राजस्थान में राज्य सरकार की नीतियों से सूचना प्रौद्योगिकी एक जन आंदोलन बन चुका है।

सामाजिक कार्यकर्ता निखिल डे ने कहा कि बजट घोषणाओं को जन-जन तक पहुंचाने में आईटी की भूमिका महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार द्वारा शुरू किया गया जन सूचना पोर्टल गुड गवर्नेंस की तरफ एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। इस अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी आयुक्त आशीष गुप्ता सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे। 



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