Saturday, 29 August 2026

हाईकोर्ट ने आरएसएस प्रचारक निंबाराम के खिलाफ एसीबी की एफआईआर को किया रद्द, विधानसभा में उठा मामला, पर्दे की बात पर्दे में रहने दो: धारीवाल


हाईकोर्ट ने आरएसएस प्रचारक निंबाराम के खिलाफ एसीबी की एफआईआर को किया रद्द, विधानसभा में उठा मामला, पर्दे की बात पर्दे में रहने दो: धारीवाल

हाईकोर्ट ने सोमवार को बीवीजी कंपनी के बकाया भुगतान के बदले रिश्वत के मामले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रचारक निंबाराम के खिलाफ दर्ज एसीबी की एफआईआर और ट्रायल कोर्ट में चल रहे मामले को रद्द करने के आदेश दिए दिए हैं। कोर्ट ने एसीबी के तर्क को खारिज कर दिया। 

आरएसएस प्रचारक निंबाराम ने अपने खिलाफ दर्ज मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने 27 फरवरी को लिखित बहस के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। हाईकोर्ट के जस्टिस फरजंद अली की एकलपीठ ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए फैसला सुनाया। कोर्ट ने मुकदमे को खारिज करने के आदेश दिए।
ग्रेटर नगर निगम जयपुर में बीवीजी कंपनी के बकाया 276 करोड़ रुपए के भुगतान के बदले 20 करोड़ रुपए की रिश्वत के मामले में एसीबी ने मामला दर्ज किया था। 10 जून 2021 को वीडियो सामने आने के बाद आरएसएस प्रचारक निंबाराम के अलावा जयपुर ग्रेटर मेयर सौम्या गुर्जर के पति राजाराम गुर्जर, बीवीजी कंपनी के प्रतिनिधि ओमकार सप्रे और संदीप चौधरी के खिलाफ मामला दर्ज  किया था। राजाराम गुर्जर और बाकी आरोपी जेल में रहे थे।

 हाईकोर्ट ने आरएसएस प्रचारक निंबाराम को बरी करने के साथ ही बीवीजी कंपनी के प्रतिनिधि ओमकार सप्रे और संदीप चौधरी की याचिका को खारिज कर दिया। दोनों पर रिश्वत देने का आरोप है।

आरएसएस प्रचारक निंबाराम ने हाईकोर्ट में एसीबी में दर्ज मामले को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। आरएसएस प्रचारक निंबाराम ने कहा था कि इस मामले में उनका नाम राजनीतिक द्वेष के चलते शामिल किया है। सत्तारूढ़ पार्टी के नेता सार्वजनिक मंच पर उनके खिलाफ बयानबाजी कर प्रस्ताव पारित कर रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी को लेकर बयानबाजी कर रहे हैं।
आरएसएस प्रचारक निंबाराम ने याचिका में यह भी तर्क दिया था कि जिस वीडियो के आधार पर एसीबी ने मामला  दर्ज किया, उसमें रिश्वत को लेकर उनकी ओर से कोई बातचीत नहीं है। ऐसे में एसीबी ने सरकार के दबाव में आकर एफआईआर में नाम शामिल किया है। निंबाराम ने इसी के आधार पर हाईकोर्ट से एसीबी की एफआईआर से नाम हटाए जाने की याचिका लगाई। उन्होंने अपने खिलाफ एसीबी की ओर से की जा रही जांच को रोकने  का आग्रह किया था।

आरएसएस प्रचारक निंबाराम को हाईकोर्ट से बरी होने के मामले नगरपालिका संशोधन विधेयक पर बहस के दौरान उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने यह मामला उठाया था।  उन्होंनेआरएसएस प्रचारक निंबारराम के खिलाफ एसीबी  मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। भाजपा विधायक दल के उप नेता रविंद्र राठौर ने ने  स्वायत्त शासन  मंत्री शांति धारीवाल  से कहा किहाईकोर्ट का फैसला आपको पता नहीं होगा। आरएसएस प्रचारक निंबाराम को हाईकोर्ट ने क्लीनचिट दे दी। आपके खिलाफ स्ट्रक्चर भी पास कर दिया।

स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने  जवाब देते हुए कहा कि आरएसएस प्रचारकनिंबाराम की बात छोड़ दीजिए। यहां उनकी बात करेंगे तो अच्छा नहीं लगेगा। उस बात को छोड़िए। वह फोटो दिखाएं, यह दिखाएं उससे क्या फायदा? मेहरबानी करके उस बात को आगे मत बढ़ाओ, उसको पर्दे में रहने दो। सच्चाई आप भी जानते हो और हम भी जानते हैं। राठौड़ ने कहा कि हाईकोर्ट कोर्ट से आप बड़े नहीं हो। अब तो कुछ शर्म करो। कह दो कि मुझसे गलती हो गई। यह वही कोर्ट है, जिसने आपके इस्तीफों पर कुछ बातें कहीं हैं।

भाजपा विधायक दल के उप नेता राजेंद्र राठौर ने कहा कि आरएसएस प्रचारक निंबाराम को हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट का फैसला बताता है की अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले व्यक्ति के खिलाफ पुलिस तंत्र के इस्तेमाल का पर्दाफाश हो गया। 

भाजपा विधायक मदन दिलावर  ने कहा कि कांग्रेस ने मानहानि और चरित्र हनन करने का प्रयास किया था। कोशिश की गई कि भ्रष्टाचार जैसे घिनौने कृत्य में फंसा कर उनका चरित्र हनन किया जाए।उन्होंने कहा कि सरकार की यह प्रवृत्ति ठीक नहीं है।




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